टीआरपी डेस्क। ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ के अवसर पर जयपुर स्थित साउथ वेस्टर्न कमांड में देश की तीनों सेनाओं के प्रमुखों और उच्च अधिकारियों ने हुंकार भरी है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सैन्य अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है, बल्कि यह तो केवल शुरुआत है।

सेना ने आत्मनिर्भर भारत की शक्ति पर जोर देते हुए बताया कि वर्तमान में 65 प्रतिशत हथियार देश में ही बन रहे हैं और भारतीय सेना इन्हीं स्वदेशी हथियारों का उपयोग कर रही है।

डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई और एयर मार्शल अवधेश कुमार ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य बिल्कुल स्पष्ट था और सेना को कार्रवाई के लिए पूरी छूट दी गई थी। 7 मई 2025 को किए गए इस साझा अभियान में भारत ने पीओके और पाकिस्तान के भीतर मौजूद आतंकी ढांचे को निशाना बनाया था।

इस कार्रवाई में 9 आतंकी ठिकाने और 11 एयर फील्ड तबाह किए गए थे, जबकि पाकिस्तान के 13 विमानों को मार गिराया गया था। इस दौरान पाकिस्तान के 100 से ज्यादा जवान और 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे।

See also  छत्तीसगढ़ की तर्ज पर कांग्रेस लड़ रही असम में चुनाव, 5 बिंदुओं का गारंटी पत्र जारी, प्रचार में पहुंचे मंत्री मोहम्मद अकबर ने जानें क्या कहा

सैन्य अधिकारियों ने कहा कि पहलगाम हमले जैसे हादसों को रोकने के लिए भारत भविष्य में भी कड़े कदम उठाएगा। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने दुश्मन को उसकी जमीन पर संकल्प का संदेश दिया था, जिसमें भारत का कोई भी सैन्य या नागरिक ढांचा प्रभावित नहीं हुआ।

आज शाम रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में इस ऑपरेशन पर आधारित फिल्म भी रिलीज की जाएगी। भारत ने स्पष्ट किया है कि शांति की इच्छा को कमजोरी समझने वालों के खिलाफ कार्रवाई में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।