टीआरपी। रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर मीनल चौबे ने मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि बारिश के दौरान शहर में कहीं भी जल भराव हुआ, तो इसके लिए संबंधित जोन कमिश्नर और जोन स्वास्थ्य अधिकारी सीधे तौर पर जवाबदेह होंगे। महापौर ने स्पष्ट किया है कि आपदा प्रबंधन के उपकरणों की तत्काल मरम्मत कराई जाए और जल निकासी के मार्ग में आने वाली हर बाधा को दूर किया जाए।
रायपुर में हर साल भारी बारिश के दौरान कई निचली बस्तियों और मुख्य सड़कों पर जल भराव की समस्या आम हो जाती है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। महापौर के इस सख्त रुख और ‘जवाबदेही तय’ करने के निर्देश से निगम अमले में सक्रियता बढ़ेगी, जिससे शहरवासियों को इस मानसून में जल भराव की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
नाला सफाई और आपदा प्रबंधन की तैयारी
नगर निगम में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में महापौर ने जोन अध्यक्षों और अधिकारियों के साथ मंथन किया। उन्होंने निर्देश दिए कि सफाई के मार्ग में बाधक बनने वाले पाटों (Slabs) को तत्काल तोड़ा जाए ताकि नालों की गहराई तक सफाई हो सके। सभापति सूर्यकान्त राठौड़ ने रेलवे क्षेत्र के नालों की सफाई के लिए रेलवे अधिकारियों के साथ समन्वय बिठाने पर जोर दिया, ताकि उन क्षेत्रों की बस्तियों में पानी न भरे।
स्वास्थ्य विभाग की अध्यक्ष गायत्री सुनील चंद्राकर ने रायपुर के 200 से अधिक बड़े नालों की सफाई के दूसरे चरण को अगले 10 दिनों के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य दिया है। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि सफाई केवल कागजों पर न हो, बल्कि पार्षदों के साथ समन्वय बनाकर धरातल पर सुगम जल निकासी सुनिश्चित की जाए।
डेडलाइन: नाला सफाई का दूसरा चरण अगले 10 दिनों में पूर्ण करने के निर्देश।
कुल नाले: रायपुर निगम क्षेत्र के 200 से अधिक प्रमुख नालों की होगी सघन सफाई।
जवाबदेही: जल भराव की स्थिति में संबंधित जोन कमिश्नर पर होगी सीधे अनुशासनात्मक कार्रवाई।
उपकरण: आपदा प्रबंधन किट और मशीनों के निरीक्षण व मरम्मत का तत्काल आदेश।
अगले 10 दिनों तक सभी जोनों में नाला सफाई का अभियान युद्धस्तर पर चलाया जाएगा। निगम की टीमें वार्डों में जाकर सफाई में बाधक पाटों को हटाएंगी। इसके बाद महापौर और वरिष्ठ अधिकारी स्वयं विभिन्न वार्डों का दौरा कर सफाई कार्य का भौतिक सत्यापन करेंगे।


