मनेन्द्रगढ़। सुशासन तिहार के मौके पर आयोजित शिविर में ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत के बाद कोरिया जिले के जिल्दा ग्राम स्थित आदिम जाति सहकारी समिति के खाद गोदाम को सील कर दिया गया था। आज जब स्टॉक की जांच की गई तब भरी अनियमितता मिली, वहीं एक अन्य कमरे में अलग से खाद का स्टॉक मिला। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रातों-रात इस कमरे में खाद भरी गई है, ताकि स्टॉक को बराबर किया जा सके।
भाजपा विधायक भैयालाल राजवाड़े भी पहुंचे थे गोदाम
दरअसल एक दिन पूर्व ही इलाके में आयोजित शिविर में ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने समिति प्रबंधक अखिलचंद सिंह पर खाद वितरण में गड़बड़ी और भंडारण में लापरवाही के आरोप लगाए थे, जिसके बाद प्रशासन ने पूर्व में चार गोदामों को सील किया था। इसके बाद मौके पर ही तहसीलदार और अन्य अधिकारियों को इस गोदाम में भेजा गया। इस दौरान भाजपा विधायक भैयालाल रजवाड़े भी पहुंचे। हालांकि इनके पहुँचने के पहले ही समिति का प्रबंधक ताला लगाकर गायब हो चुका था। इसके चलते खाद से भरे 4 कमरों को तहसीलदार ने सील करवा दिया था।

कृषि विभाग की टीम ने की जांच
आज इन चारों कमरों के सील खोले गए और स्टॉक की जांच की गई। यहां किसानों को वितरित किए जाने वाले खाद के भंडारण को लेकर गंभीर अनियमितता का खुलासा हुआ। इस दौरान पाया गया कि स्टॉक के मुताबिक खाद की मात्रा कम है और बोरों को अव्यवस्थित ढंग से रखा गया है।
एक अन्य कमरे में मिली खाद की बोरियां
आज ही तहसीलदार और कृषि विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में 4 कमरों की सील खोली गई और गोदामों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान खाद की मात्रा में कमी पाए जाने की बात सामने आई। वहीं इसी बीच पता चला कि एक अन्य कमरे में खाद का स्टॉक रखा हुआ है, ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस नए गोदाम में रातों-रात खाद भरकर रखा गया है, जिसके प्रमाण के तौर पर जमीन पर बिखरी खाद भी दिखाई दी।

बेतरतीब ढंग से रखी गई है खाद
जांच कर रहे कृषि विभाग के एसडीओ धनंजय सोनी ने बताया कि समिति के गोदामों में खाद का भंडारण पूरी तरह अवैज्ञानिक तरीके से किया गया है। अलग-अलग प्रकार की खाद को बिना किसी व्यवस्था के एक साथ रखा गया है, जिससे वास्तविक स्टॉक का आंकलन करना कठिन हो गया है।
खाद के स्टॉक में मिला अंतर
उन्होंने बताया कि यूरिया में डीएपी सहित अन्य खाद भी मिश्रित अवस्था में पाए गए हैं। प्रारंभिक जांच और अनुमानित गणना में स्टॉक में भारी अंतर नजर आया है। अधिकारियों के अनुसार जहां लगभग 71.5 मीट्रिक टन यूरिया होना चाहिए था, वहां करीब 54 मीट्रिक टन ही दिखाई दिया। इसी तरह डीएपी, पोटाश, एनपीके और एसएसपी खाद की मात्रा में भी उल्लेखनीय कमी पाई गई है।

एसडीओ ने कहा कि वास्तविक स्थिति तब ही स्पष्ट हो पाएगी जब सभी खाद को अलग-अलग कर व्यवस्थित तरीके से गिनती और सत्यापन किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि गोदामों में भूसे की बोरियां रखी गई थीं, जो भंडारण नियमों के विपरीत है। अधिकारियों ने माना कि खाद का भंडारण अत्यंत अव्यवस्थित तरीके से किया गया है, जिससे संदेह और गहरा गया है। पूरी जांच रिपोर्ट कलेक्टर को भेजी जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

एक तरफ देश भर में खाद की कमी हो रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों से जैविक खाद का इस्तेमाल करने की सलाह दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रदेश में खाद की कालाबाजारी बड़े पैमाने पर हो रही है। कोरिया जिले के इस खाद गोदाम में मिली गड़बड़ी इसीका एक नमूना है। कृषि विभाग द्वारा चलाये जा रहे अभियान में दूसरे जिलों में भी खाद की दुकानों और गोदाम में गड़बड़ी उजागर हो रही है, जिसके चलते दुकान सील किये जा रहे हैं। बहरहाल देखना यह है कि कोरिया जिले के इस खाद गोदाम में कितनी गड़बड़ी उजागर होती है और प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।



