टीआरपी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आगामी 18 और 19 मई को दो दिवसीय बस्तर प्रवास पर आ रहे हैं, जिसकी भव्य तैयारियों के लिए भारतीय जनता पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी है। नक्सलवाद के आतंक से बस्तर को मुक्ति दिलाने के संकल्प की सफलता के बाद गृह मंत्री का यह पहला बस्तर दौरा है, जिसे लेकर कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
यह दौरा बस्तर की सुरक्षा और विकास की दृष्टि से ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि इसमें चार राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। लाल आतंक के खात्मे के बाद केंद्र सरकार की सीधी उपस्थिति यह संकेत देती है कि अब बस्तर में विकास की नई राहें खुलेंगी और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।
शुक्रवार को जगदलपुर स्थित भाजपा जिला कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव और कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने वरिष्ठ पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में गृह मंत्री के स्वागत के लिए शहर के प्रमुख मार्गों की साज-सज्जा, ध्वज और होर्डिंग्स लगाने की योजना बनाई गई। किरण सिंह देव ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह प्रवास बस्तर के लिए गौरव का विषय है और सभी तैयारियां गंभीरता से पूर्ण की जानी चाहिए।
कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि अमित शाह का आगमन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने बस्तर को लाल आतंक से समूल समाप्त करने का जो दृढ़ संकल्प लिया था, वह अब पूर्णता की ओर है। बैठक में बस्तर सांसद महेश कश्यप, जिला अध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डेय और महापौर संजय पाण्डेय समेत बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
मुख्य तथ्य
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का 18 और 19 मई को बस्तर में दो दिवसीय प्रवास प्रस्तावित है।
इस हाई-प्रोफाइल दौरे में छत्तीसगढ़ सहित कुल 4 राज्यों के मुख्यमंत्री शिरकत करेंगे।
आगामी दो दिनों तक बस्तर संभाग में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी जाएगी और भाजपा के दिग्गज नेताओं का जमावड़ा जगदलपुर में रहेगा। इस दौरे के दौरान गृह मंत्री बस्तर के भविष्य के विकास रोडमैप और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी कर सकते हैं।


