Dhar Bhojshala Case Update: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने इस मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना है। इस बड़े फैसले के बाद से ही धार और इंदौर सहित पूरे प्रदेश में हलचल तेज हो गई है।
प्रशासन अलर्ट, 12 लेयर में सुरक्षा
धार पुलिस कंट्रोल रूम में करीब 1200 अतिरिक्त पुलिस जवानों को तैनात किया गया है। साथ ही रिजर्व पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की टुकड़ियों ने भी मोर्चा संभाल लिया है। कलेक्टर राजीव रंजन मीना और एसपी सचिन शर्मा ने खुद भोजशाला परिसर के भीतर जाकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
क्या थी याचिकाकर्ताओं की मांग?
यह पूरा कानूनी मामला साल 2022 में तब शुरू हुआ, जब हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से रंजना अग्निहोत्री और अन्य ने याचिका दायर की थी। याचिका में मांग की गई थी कि, भोजशाला का धार्मिक स्वरूप तय कर हिंदू समाज को पूर्ण अधिकार दिए जाएं। परिसर में नियमित पूजा-अर्चना की अनुमति मिले और नमाज पर रोक लगे। एक विशेष ट्रस्ट का गठन किया जाए। लंदन के ब्रिटिश म्यूजियम में रखी मां वाग्देवी की प्रतिमा को वापस लाया जाए।
98 दिनों का सर्वे और कानूनी लड़ाई
इस विवाद को सुलझाने के लिए ASI (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) ने साल 2024 में लगातार 98 दिनों तक परिसर का वैज्ञानिक सर्वे किया था। सर्वे की रिपोर्ट और दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने 12 मई को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।


