टीआरपी। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में खनिज साधन विभाग की संयुक्त टीम ने 22 मई 2026 की सुबह जोंक नदी में चल रहे अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर अब तक की सबसे बड़ी छापामार कार्रवाई की है। इस औचक निरीक्षण के दौरान टीम ने मौके से 02 चैन माउंटेन मशीनें, 03 हाईवा और 04 ट्रैक्टर जप्त कर सील करने की बड़ी कार्रवाई की है।
यह कार्रवाई राज्य शासन की मंशा के अनुरूप प्रदेश में रेत माफियाओं के हौसले पस्त करने और प्राकृतिक संसाधनों की लूट को रोकने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। महासमुंद के ग्रामीण अंचलों में नदी-नालों के अस्तित्व को बचाने और अवैध भारी वाहनों के कारण खराब हो रही सड़कों की सुरक्षा के लिहाज से खनिज विभाग का यह कड़ा रुख स्थानीय निवासियों के लिए एक बड़ी राहत है।
स्वीकृत क्षेत्र के बाहर चल रहा था अवैध खेल
केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता एवं जिला स्तरीय खनिज विभाग की संयुक्त टीम को सूचना मिली थी कि पिथौरा तहसील के ग्राम बल्दीडीह स्थित जोंक नदी में नियमों को ताक पर रखकर अवैध उत्खनन किया जा रहा है। अधिकारियों के निर्देश पर जब टीम सुबह-सुबह मौके पर पहुंची, तो वहां बिना किसी वैध अनुमति, आदेश या अभिवाहन पास (रॉयल्टी पर्ची) के स्वीकृत खदान क्षेत्र के बाहर धड़ल्ले से भारी मशीनों से रेत निकाली जा रही थी।
खनिज विभाग की टीम ने खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत तत्काल प्रभाव से अवैध रेत खनन को बंद कराया। टीम ने दोनों चैन माउंटेन मशीनों को सील कर खदान मुंशी के सुपुर्द कर दिया है और संबंधित खदान संचालक को कड़ा नोटिस थमाया है। इसके साथ ही परिवहन में लगे सभी 03 हाईवा और 04 ट्रैक्टरों को जप्त कर नजदीकी साकरा पुलिस थाने की अभिरक्षा में सुरक्षित खड़ा करवा दिया गया है।
कार्रवाई की तिथि और स्थान: 22 मई 2026 की सुबह, पिथौरा तहसील के ग्राम बल्दीडीह (जोंक नदी)।
जप्त की गई भारी मशीनें: 02 चैन माउंटेन (पोकलेन) मशीनें मौके पर ही सील।
जप्त किए गए वाहन: अवैध परिवहन करते पाए गए 03 हाईवा और 04 ट्रैक्टर।
सुरक्षा कस्टडी: जप्त वाहनों को समीपस्थ साकरा थाना परिसर में कराया गया खड़ा।
खनिज विभाग ने संबंधित खदान संचालक के खिलाफ अवैध उत्खनन का केस दर्ज कर भारी जुर्माने की कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का साफ कहना है कि आगामी दिनों में जिले की अन्य रेत खदानों में भी इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी संचालक को बख्शा नहीं जाएगा।



