जशपुर। संवैधानिक अधिकारों एवं पांचवीं अनुसूची क्षेत्र की रक्षा तथा डी-लिस्टिंग की मांग के विरोध में रविवार को जशपुर में विशाल जनजातीय रैली निकाली गई। यह रैली एनईएस कॉलेज से शुरू होकर बस स्टैंड, महाराज चौक, जिला अस्पताल, रंजीता स्टेडियम और बीटीआई ग्राउंड तक पहुंची।
वनांचल जिले जशपुर में ईसाई आदिवासी महासभा और राजी पड़हा ने डीलिस्टिंग का भारी विरोध किया है। जिले में रविवार को राजी पड़हा के नेतृत्व में तथा ईसाई आदिवासी महासभा के सहयोग से आयोजित इस रैली में जिले भर से पहुंचे सैकड़ों आदिवासी शामिल हुए। चिलचिलाती धूप के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ और हाथों में छतरी तथा बैनर-पोस्टर लेकर प्रदर्शनकारियों ने शहर में रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान डीलिस्टिंग के विरोध में नारेबाजी कर अपनी मांगें बुलंद की।

रैली में उमड़ी भारी भीड़
इस रैली में ईसाई आदिवासी महासभा और राजी पड़हा के सदस्यों की भारी भीड़ जुटी। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग रांची रोड स्थित शासकीय एनईएस कॉलेज मैदान में जुटने लगे थे। यहां सभा के बाद रैली निकाली गई, जो जैन मंदिर, बस स्टैंड, महाराजा चौक, जय स्तंभ चौक और भागलपुर चौक से होते हुए बीटीआई ग्राउंड पहुंची। पूरे मार्ग में प्रदर्शनकारियों ने आदिवासी अधिकारों और पांचवीं अनुसूची की सुरक्षा को लेकर नारे लगाए।
जनजातीय सुरक्षा मंच पर यूडी मिंज का हमला
इस दौरान सभा को कुनकुरी के पूर्व विधायक एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष यूडी मिंज ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में जनजातीय सुरक्षा मंच द्वारा डिलिस्टिंग की मांग को लेकर आयोजित कार्यक्रम आदिवासी समाज को बांटने की कोशिश है। भारतीय कानून प्रत्येक आदिवासी को अपनी इच्छा से किसी भी धर्म को मानने की स्वतंत्रता देता है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में गीता उरांव, पूर्व विधायक यू डी मिंज, आदिवासी महासभा छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल किस्पोट्टा, अभिनंदन कुजूर, वाल्टर कुजूर सहित जशपुर, रायगढ़ और सरगुजा क्षेत्र के बड़ी संख्या में ईसाई आदिवासी उपस्थित थे।


