टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ में सूरज की तपिश अब जानलेवा साबित होने लगी है। प्रचंड गर्मी और लू (Heatwave) का कहर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं, बल्कि बेजुबान पशु-पक्षियों पर भी बुरी तरह टूट रहा है। कोरबा जिले के पाली ब्लॉक से एक बेहद विचलित करने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां हीट स्ट्रोक (लू लगने) की वजह से सैकड़ों चमगादड़ों की तड़प-तड़प कर मौत हो गई।

नौकोनिया तालाब के पास खौफनाक मंजर

मिली जानकारी के मुताबिक, पाली के ऐतिहासिक नौकोनिया तालाब के किनारे लगे पेड़ों पर सालों से चमगादड़ों का डेरा रहा है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से जारी रिकॉर्डतोड़ गर्मी ने इन बेजुबानों को मौत के मुंह में धकेल दिया। तापमान 44 डिग्री के पार पहुंचने के कारण डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक की वजह से सैकड़ों चमगादड़ अचानक पेड़ों से नीचे गिरने लगे। देखते ही देखते तालाब के चारों ओर मैदान में चमगादड़ों के शव बिखर गए। स्थानीय लोगों ने जब यह मंजर देखा, तो वे भी हैरान रह गए।

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नौतपा से पहले ही हालात बेकाबू, वन विभाग अलर्ट

हैरानी की बात यह है कि देश में आज (25 मई) से नौतपा की शुरुआत हो रही है, जिसे साल का सबसे गर्म दौर माना जाता है। लेकिन नौतपा के शुरू होने से पहले ही कोरबा में जो हालात बने हैं, उसने पर्यावरणविदों और स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। गर्मी के कारण वन्यजीवों और पक्षियों के लिए पानी का संकट खड़ा हो गया है। चमगादड़ों की मौत हीट स्ट्रोक और पानी की कमी के कारण होने की आशंका है। मिली जानकारी के अनुसार वन विभाग की टीम को मौके पर भेजकर स्थिति का जायजा लेने और उचित कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।