महासमुंद। भारतमाला परियोजना से जुड़े जमीन घोटाले में नया मोड़ आ गया है। महासमुंद के पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा ने डिप्टी कलेक्टर दुर्गेश वर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। डॉ. चोपड़ा का कहना है कि वर्मा रायपुर मंत्रालय से फोन करवाकर स्थानीय अफसरों पर दबाव बना रहे हैं ताकि भारतमाला प्रोजेक्ट के संदिग्ध लोगों को बचाया जा सके।

‘मंत्रियों को बिना बताए हो रही डीलिंग’

डॉ. चोपड़ा ने प्रेसनोट जारी कर बताया कि दुर्गेश वर्मा पहले महासमुंद में ADM और डिप्टी कलेक्टर रह चुके हैं। आरोप है कि वर्मा अब भी महासमुंद के विवादित जमीन प्रकरणों में भू-माफियाओं की मदद कर रहे हैं। संबंधित विभागीय मंत्री को जानकारी दिए बिना सीधे राजस्व विभाग में फोन कर गलत फैसले करवाने की कोशिश की जा रही है।

‘राजस्व मंत्री के यहां से हटाए जा चुके हैं वर्मा’

पूर्व विधायक ने दावा किया कि दुर्गेश वर्मा को पहले भी राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के यहां से इसी तरह की संदिग्ध गतिविधियों के चलते हटाया गया था। उनका नाम कई मामलों में संदेह के घेरे में रहा है। अब वही अधिकारी पद का दुरुपयोग कर जमीनों की हेराफेरी करने वालों को फायदा पहुंचा रहे हैं।

See also  निवानो विश्व शांति पुरस्कार विजेता राजगोपाल का छत्तीसगढ़ युवा संसद में नागरिक सम्मान

CM से लेकर PMO तक पहुंची शिकायत

डॉ. चोपड़ा ने बताया कि उन्होंने इस मामले की शिकायत महासमुंद कलेक्टर से फोन पर की है। साथ ही पूरे प्रकरण की विस्तृत लिखित शिकायत मुख्यमंत्री, राजस्व मंत्री और मुख्य सचिव को भेज दी गई है। इसमें दुर्गेश वर्मा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। भू-माफियाओं से जुड़ी इस गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच के लिए शिकायत की एक कॉपी प्रधानमंत्री कार्यालय दिल्ली को भी भेजी जा रही है। मकसद है कि दिल्ली से निगरानी हो और स्थानीय अफसर बिना राजनीतिक दबाव के काम कर सकें।