Chhattisgarh Politics News: छत्तीसगढ़ के सियासी गलियारों में इन दिनों केवल एक ही चर्चा सबसे तेज है मंत्रिमंडल का विस्तार और फेरबदल। इसी गरमा-गरम माहौल के बीच राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अचानक दो दिवसीय दौरे पर दिल्ली पहुंच चुके हैं। हालांकि, सरकारी तौर पर इस दौरे को राज्य के विकास और केंद्रीय योजनाओं से जुड़ा बताया जा रहा है, लेकिन राजनीति के जानकार इसे सूबे में होने वाले बड़े प्रशासनिक और सांगठनिक बदलावों से जोड़कर देख रहे हैं।
आलाकमान से बंद कमरे में चर्चा
शनिवार को रायपुर से रवाना हुए मुख्यमंत्री साय रविवार को बीजेपी आलाकमान के वरिष्ठ नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों के साथ अहम बैठकें करेंगे। सूत्रों के हवाले से खबर है कि इस दौरे में सबसे महत्वपूर्ण मुलाकात केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ हो सकती है।
इस बैठक में न सिर्फ छत्तीसगढ़ के विकास और पेंडिंग केंद्रीय प्रोजेक्ट्स पर बात होगी, बल्कि संगठन और मंत्रिमंडल की खाली सीटों को भरने या मंत्रियों के विभागों में बड़े फेरबदल को लेकर भी फाइनल मुहर लग सकती है।
विकास का एजेंडा या सियासी स्क्रिप्ट?
मुख्यमंत्री साय ने दिल्ली रवाना होने से पहले मीडिया से कहा कि इस दो दिवसीय प्रवास के दौरान केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ के विकास, लंबित केंद्रीय योजनाओं और आपसी समन्वय से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
लेकिन सियासी जानकारों का मानना है कि विकास तो एक प्रशासनिक पहलू है, असली मकसद छत्तीसगढ़ बीजेपी की नई टीम और मंत्रिमंडल के नए चेहरों की रूपरेखा तय करना है। राज्य में कई विधायक लंबे समय से अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, ऐसे में साय का यह दिल्ली दौरा उनके भाग्य का फैसला कर सकता है।
मोदी सरकार के 12 साल: छत्तीसगढ़ में मनेगा मेगा जश्न
राजनीतिक मुलाकातों के अलावा इस दौरे का एक और बड़ा एजेंडा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि आगामी 7 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफल नेतृत्व के 12 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि को यादगार बनाने के लिए छत्तीसगढ़ बीजेपी ने एक व्यापक स्तर पर जश्न और कार्यक्रमों की तैयारी की है। संगठन से इसकी विस्तृत रूपरेखा मुख्यमंत्री को मिल चुकी है, जिसे लेकर वे दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व से मार्गदर्शन ले सकते हैं।
अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री जब दो दिन बाद दिल्ली से रायपुर लौटेंगे, तो उनके पिटारे से राज्य के विकास की सौगातें निकलती हैं या कुछ नेताओं की किस्मत बदलने वाली बड़ी राजनीतिक खबरें।


