कोरबा। हसदेव की धरती से पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोला है। बुका में विस्थापित आदिवासी हसदेव जलाशय संघर्ष समिति के महासम्मेलन में उन्होंने कहा कि पेसा कानून लागू करने को लेकर मौजूदा सरकार बिल्कुल गंभीर नहीं है। सिंहदेव बोले- कांग्रेस फिर सत्ता में आई तो आदिवासियों को उनका पूरा अधिकार दिलाएंगे।
कांग्रेस के काम गिनाए, सरकार पर उठाए सवाल
सिंहदेव ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय पेसा कानून को आदिवासी क्षेत्रों में अधिकार आधारित शासन के लिए मजबूती से लागू किया जा रहा था। ग्राम सभाओं को ताकत देने के लिए महिला-पुरुष अध्यक्षों की चक्रीय व्यवस्था, गांव के तालाबों और संसाधनों पर पहला हक गांव वालों का, मत्स्य पालन और बांधों से मछली पकड़ने का अधिकार स्थानीय लोगों को देने जैसे प्रावधान किए गए थे। लेकिन सरकार बदलते ही ये सारी पहल ठंडे बस्ते में चली गई।
जल-जंगल-जमीन पर आदिवासी का हक
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि जल, जंगल और जमीन पर पहला अधिकार आदिवासियों का है। विकास के नाम पर जमीन ली जाती है तो वन उत्पादों पर आश्रित लोगों को मुआवजा और वैकल्पिक रोजगार देना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस हमेशा आदिवासियों की लड़ाई लड़ती आई है और आगे भी उनके हक के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
इस महासम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, सांसद ज्योत्सना महंत, पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, डॉ. प्रेमसाय सिंह, विधायक जनक राम ध्रुव और सामाजिक कार्यकर्ता आलोक शुक्ला समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।हसदेव बचाओ आंदोलन के बीच हुए इस महासम्मेलन से कोरबा की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। पेसा कानून और आदिवासी अधिकारों को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है।



