बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में कोतवाली पुलिस ने फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनाने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। CRPF समेत केंद्रीय सेवाओं में नौकरी दिलाने के नाम पर प्रति प्रमाण पत्र 3 से 4 लाख रुपये वसूलने वाले मुख्य आरोपी समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल का दुरुपयोग कर बनाते थे फर्जी दस्तावेज
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी संगठित तरीके से ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल का दुरुपयोग कर फर्जी सिटीजन आईडी बनाते थे। दूसरों के असली दस्तावेज डाउनलोड कर एडिट करके फर्जी आधार, पैन कार्ड और शैक्षणिक प्रमाण पत्र तैयार किए जाते थे। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर अभ्यर्थियों को छत्तीसगढ़ का स्थानीय निवासी दिखाकर CRPF भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन कराए जाते थे।
तकनीकी जांच से हुआ खुलासा
पुलिस को अवैध दस्तावेज बनाने की सूचना मिली थी। तकनीकी जांच और निगरानी में संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियां पकड़ी गईं। दबिश देकर 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और कई लोगों को फर्जी दस्तावेज दिए जाने की आशंका है।
डिजिटल सबूत खंगाल रही पुलिस
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस लैपटॉप, मोबाइल डेटा खंगालकर पता लगा रही है कि अब तक कितने फर्जी दस्तावेज बने और किन लोगों ने लाभ लिया। कई अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच हो रही है।
प्रशासन सख्त: अवैध माध्यमों से बचेंइस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप है। पुलिस ने कहा कि सरकारी पोर्टलों का दुरुपयोग करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। लोगों से अपील है कि नौकरी या दस्तावेज के लिए अवैध माध्यमों का सहारा न लें और ऐसी सूचना तुरंत पुलिस को दें।



