दुर्ग। भिलाई स्टील प्लांट से बड़े पैमाने पर लोहे की चोरी का खुलासा हुआ है। पुलिस ने हथखोज और अकलोरडीह इलाके में छापा मारकर एक गोदाम से करीब 250 टन संदिग्ध लोहा जब्त किया है। जब्त लोहे की कीमत 1 करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है। ट्रकों में फ्लाई ऐश के नीचे लोहा छिपाकर प्लांट से बाहर निकाला जा रहा था।
ऐसे देते थे चोरी को अंजाम
पुलिस को लंबे समय से BSP से लोहे की प्लेटें और स्क्रैप चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। जांच में सामने आया कि ट्रकों में नीचे पहले टनों लोहा लोड किया जाता था, फिर ऊपर फ्लाई ऐश डालकर संयंत्र से बाहर ले जाया जाता था। छावनी CSP प्रशांत कुमार पैकरा और भिलाई-3 थाना पुलिस ने संदिग्ध वाहनों का पीछा कर हथखोज स्थित गोदाम में दबिश दी। मौके पर मौजूद लोग जब्त लोहे के कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा पाए।

जानिए पूरा मामला
दरअसल, पुलिस को पिछले कुछ समय से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि भिलाई स्टील प्लांट से लोहे की प्लेटें और स्क्रैप चोरी कर बाहर सप्लाई किया जा रहा है।
ऐसे में रोजाना कई ट्रक और हाईवा प्लांट से बाहर निकलते थे। 27 मई को पुलिस टीम ने संदिग्ध वाहनों पर नजर रखी और उनका पीछा करते हुए हथखोज स्थित एक गोदाम तक पहुंची। जैसे ही ट्रक गोदाम के अंदर पहुंचे, पुलिस ने चारों ओर से घेराबंदी कर दी।

छावनी CSP प्रशांत कुमार पैकरा और भिलाई-3 थाना पुलिस की टीम ने मौके पर मौजूद लोगों से दस्तावेज मांगे, लेकिन जब्त लोहे से संबंधित कोई लीगल डॉक्यूमेंट दिखा नहीं सके। इसके बाद पुलिस ने पूरे यार्ड और गोदाम की जांच की।
SMS-3 यूनिट से चोरी की आशंका
पुलिस को आशंका है कि यह लोहा भिलाई स्टील प्लांट की SMS-3 यूनिट से चोरी कर गोदाम में खपाया गया था। दो हाईवा वाहनों की जांच में ऊपर फ्लाई ऐश और अंदर टनों लोहा मिला।

CISF की सुरक्षा पर सवाल, BSP ने बनाई जांच टीम
इस घटना ने BSP की सुरक्षा में तैनात CISF की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए BSP प्रबंधन ने अलग से जांच टीम गठित की है। टीम सुरक्षा व्यवस्था, परिवहन प्रक्रिया और संदिग्धों की भूमिका की जांच करेगी। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और बड़े खुलासों की आशंका जताई जा रही है।



