Chhattisgarh News: बिलासपुर के बिल्हा इलाके में सरकारी कार्यक्रम के दौरान वो हो गया जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी। सुशासन तिहार के मंच पर ही बीजेपी विधायक धरमलाल कौशिक और सीनियर कांग्रेसी नेता राजेंद्र शुक्ला आपस में भिड़ गए। बात इतनी बढ़ गई कि पंडाल में गाली-गलौज और चोर-चोर के नारे गूंजने लगे। अब इस पूरे बवाल का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है।
जनता की समस्या पर शुरू हुई बहस
बिल्हा विधानसभा के ग्राम गोढ़ी में सुशासन तिहार का शिविर लगा था। बड़ी संख्या में गांव वाले अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे थे। इसी बीच कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला ने माइक संभाला और बिजली, पानी, खराब सड़कों और किसानों को खाद-बीज न मिलने का मुद्दा उठा दिया। उन्होंने सीधे अफसरों को घेरा। जनता ने भी हां में हां मिलाना शुरू कर दिया। बस यहीं से माहौल गर्माना शुरू हुआ।
जब गूंजे चोर-चोर के नारे
राजेंद्र शुक्ला के तीखे सवालों के बाद पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और स्थानीय विधायक धरमलाल कौशिक जवाब देने खड़े हुए। उन्होंने सरकार का बचाव किया। लेकिन बात संभलने के बजाय और बिगड़ गई। दोनों नेताओं के बीच मंच पर ही सीधी बहस छिड़ गई। नेता भिड़े तो समर्थक भी कहां पीछे रहने वाले थे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सामने खड़े होकर चोर-चोर के नारे लगाने शुरू कर दिए।
आपा खो बैठे विधायक, दी गाली
नारेबाजी सुनते ही विधायक धरमलाल कौशिक अपना गुस्सा काबू नहीं रख पाए। उन्होंने मंच से ही कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को सरेआम गाली दे दी। गाली सुनते ही पंडाल में हंगामा और ज्यादा बढ़ गया। दोनों तरफ के लोग आमने-सामने आ गए। मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। उन्होंने तुरंत बीच-बचाव किया और दोनों पक्षों को शांत कराया, तब जाकर मामला थमा।
दुर्ग में भी हो चुका है ऐसा ही बवाल
नेताओं और अफसरों के बीच टकराव का यह कोई पहला मामला नहीं है। अभी दो दिन पहले ही दुर्ग जिले के थनौद गांव में भी ऐसा ही तमाशा हुआ था। वहां विधायक के सामने ही जनपद CEO रूपेश पांडे और बीजेपी नेता पुराण देशमुख आपस में भिड़ गए थे। सामुदायिक भवन के पैसे के हिसाब को लेकर अफसर ने नेताजी को उंगली दिखाकर कह दिया था कि जो करना है कर ले। छत्तीसगढ़ के इन सरकारी कैंपों में आजकल सुशासन से ज्यादा नेताओं का गुस्सा दिखाई दे रहा है।


