टीआरपी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा ने ली। इस दौरान उन्होंने आगामी 1 जुलाई 2026 से लागू होने वाले विकसित भारत अधिनियम 2025 के प्रावधानों की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
यह समीक्षा बैठक छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों के विकास और वहाँ रहने वाले लाखों परिवारों के लिए सीधे तौर पर महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और मनरेगा जैसे कार्यों की गति तेज होने से न केवल ग्रामीणों को समय पर पक्का मकान मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
विकास कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा
नवा रायपुर के अटल नगर स्थित विकास आयुक्त भवन में आयोजित इस बैठक में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। अपर मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत छत्तीसगढ़ में देश के अन्य राज्यों की तुलना में सर्वाधिक आवास पूर्णता और तीव्र निर्माण गति पर गहरा हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विभागीय टीम की सराहना की और निर्देशित किया कि विकास की इस गति को निरंतर बनाए रखा जाए ताकि कोई भी पात्र हितग्राही पक्के मकान से वंचित न रहे।
बैठक में ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई और समय-सीमा में लक्ष्यों को पूरा करने के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस महत्वपूर्ण बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव धर्मेश साहू, मनरेगा आयुक्त एवं संचालक (प्रधानमंत्री आवास योजना, ग्रामीण) तारण प्रकाश सिन्हा, अपर विकास आयुक्त वी.पी. तिर्की सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं तकनीकी विशेषज्ञ उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ में 1 जुलाई 2026 से लागू होने वाले विकसित भारत अधिनियम 2025 की तैयारियों की गहन समीक्षा की गई।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत छत्तीसगढ़ देश के अन्य राज्यों की तुलना में सर्वाधिक आवास पूर्णता और तीव्र निर्माण गति में अव्वल रहा।
इस समीक्षा बैठक के बाद अब विभाग के अधिकारी मैदानी स्तर पर सक्रिय होंगे और नए अधिनियम के प्रावधानों को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही, पीएम आवास के शेष बचे निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के लिए विभागीय मॉनिटरिंग और सख्त की जाएगी।



