रायपुर। राज्य सरकार की बिजली कंपनी, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी (CSPTCL) जल्द ही अपना आईपीओ (IPO) बाजार में उतारने की तैयारी कर रही है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब आम लोग भी इस सरकारी कंपनी में पैसा लगाकर इसके हिस्सेदार बन सकेंगे।

अगर यह आईपीओ कामयाब रहा, तो यह छत्तीसगढ़ सरकार ऐसी कंपनी बन जाएगी जिसके शेयरों की खरीद-बिक्री आम जनता स्टॉक मार्केट में कर पाएगी। रायपुर मुख्यालय में बैठे कंपनी के बड़े अफसरों के बीच इसे लेकर कागजी कार्रवाई और चर्चाएं तेज हो गई हैं।

पहली बार आम जनता खरीदेगी शेयर

अभी तक प्रदेश के लोग सिर्फ बिजली का बिल भरते थे, लेकिन जल्द ही वे बिजली कंपनी के मालिक भी बन सकेंगे। कंपनी अपनी कुछ हिस्सेदारी आम निवेशकों को बेचने जा रही है। मार्केट में लिस्ट होने के बाद इसके शेयरों के दाम कंपनी के मुनाफे और परफॉर्मेंस के हिसाब से घटेंगे और बढ़ेंगे। इससे कंपनी को देश भर के बड़े निवेशकों से पैसा मिलेगा और उसकी पहचान भी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी।

See also  सीएम साय का बड़ा एक्शन: जनता से बदतमीजी करने वाले दुर्ग जनपद सीईओ सस्पेंड, वीडियो हुआ था वायरल

मुनाफा बढ़ा तो जेब में आएगा डिविडेंड

जब आप किसी कंपनी के शेयर खरीदते हैं, तो उसके फायदे में भी आपका हक होता है। बिजली कंपनी के अफसरों का कहना है कि लिस्टिंग के बाद अगर कंपनी को तगड़ा मुनाफा होता है, तो वह अपने शेयरधारकों को डिविडेंड यानी मुनाफे का हिस्सा भी बांटेगी।

इससे पहले छत्तीसगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी भी स्टॉक एक्सचेंज का हिस्सा बन चुकी है। हालांकि, उसके शेयरों में नॉर्मल ट्रेडिंग नहीं होती है। डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने साल 2014-15 और 2015-16 में बॉन्ड जारी करके बाजार से पैसा जुटाया था। इस बार ट्रांसमिशन कंपनी सीधे जनता के बीच उतरने का मन बना रही है।

बड़े अफसरों की बैठक और तैयारी

इस पूरे मामले पर पावर ट्रांसमिशन कंपनी के एमडी राजेश कुमार शुक्ला ने बड़ी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि देश के कई दूसरे राज्यों की सरकारी बिजली कंपनियां पहले से ही आईपीओ लाकर आम लोगों से पूंजी जुटा रही हैं। केंद्र सरकार की बड़ी-बड़ी ऊर्जा कंपनियां भी शेयर मार्केट में अच्छा काम कर रही हैं।

See also  छत्तीसगढ़ के रामभक्‍त को जाना है प्रभु राम के दर्शन करने अयोध्या, तो जानें हवाई-सड़क-ट्रेन मार्ग की सारी जानकारी

एमडी राजेश कुमार शुक्ला के अनुसार छत्तीसगढ़ ट्रांसमिशन कंपनी के आईपीओ लाने के विषय में उच्च स्तर पर बातचीत चल रही है। चूंकि यह पूरी तरह से शासन स्तर का मामला है, इसलिए अंतिम फैसला सरकार की हरी झंडी के बाद ही होगा।