कोरोना महामारी के खौफनाक दौर के बाद अब संक्रामक वायरस इबोला ने छत्तीसगढ़ में कथित तौर पर दस्तक दे दी है। अफ्रीका के अलग-अलग देशों से यात्रा कर लौटे तीन संदिग्ध नागरिकों के सीधे दुर्ग जिले में पहुंचने की पुष्टि हुई है। राज्य में इबोला वायरस का यह पहला संभावित मामला सामने आया है।
ढूंढने में जुटी टीम
दरअसल दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार की ‘एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम’ (IDSP) से सूचना मिलते ही पूरे जिले के स्वास्थ्य विभाग को तुरंत हाई-अलर्ट पर डाल दिया गया है। कलेक्टर ने विशेष टीमों का गठन कर तीनों संदिग्धों को जल्द से जल्द ढूंढकर ‘होम-आइसोलेशन’ में रखने के कड़े निर्देश दिए हैं।
संदिग्धों की ट्रैवल हिस्ट्री ने बढ़ाई चिंता
दो संदिग्ध: इथोपिया और युगांडा से अलग-अलग इंटरनेशनल एयरपोर्ट होते हुए सीधे दुर्ग पहुंचे हैं।
तीसरा संदिग्ध: यह नागरिक कांगो से निकला था, जो पहले मुंबई में ठहरा और फिर वहां से सफर तय कर दुर्ग के लिए रवाना हुआ।
राहत की बात: फिलहाल तीनों संदिग्धों की शारीरिक स्थिति सामान्य बताई जा रही है और प्रशासन ने आम जनता से पैनिक न होने यानी न घबराने की अपील की है।
क्यों इतना खतरनाक है इबोला? जानिए कैसे फैलता है
गौरतलब है कि इबोला एक बेहद संक्रामक और जानलेवा वायरस है। डराने वाली बात यह है कि इस बीमारी में मृत्यु दर 50% से लेकर 90% तक होती है, यानी तनिक भी लापरवाही सीधे जान पर भारी पड़ सकती है। यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के पसीने, खून, लार या अन्य शारीरिक तरल पदार्थों (Body Fluids) के सीधे संपर्क में आने से तेजी से फैलता है।
प्रमुख लक्षण जिन्हें पहचानना बेहद जरूरी है:
- अचानक तेज बुखार आना और शरीर में अत्यधिक कमजोरी महसूस होना।
- मांसपेशियों और सिर में असहनीय व गंभीर दर्द होना।
- गले में लगातार खराश और दर्द का बने रहना।
- स्थिति बिगड़ने पर शरीर के आंतरिक और बाहरी हिस्सों (जैसे नाक और मसूड़ों) से ब्लीडिंग (रक्तस्राव) होना।



