टीआरपी डेस्क। हिंदू धर्म में अमावस्या का बहुत बड़ा महत्व है। लेकिन जब यह सोमवार के दिन पड़ती है, तो इसे ‘सोमवती अमावस्या’ (Somvati Amavasya) कहा जाता है। साल 2026 में ज्येष्ठ महीने के दौरान अधिकमास यानी पुरुषोत्तम मास लग रहा है। इस वजह से इस बार की सोमवती अमावस्या बेहद खास और पवित्र मानी जा रही है।

खास बात यह है कि इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग (Sarvartha Siddhi Yoga) और अमृत सिद्धि योग (Amrita Siddhi Yoga) का एक साथ महासंयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, इस शुभ संयोग में की गई पूजा और उपाय सीधे भगवान तक पहुंचते हैं।

Somvati Amavasya 2026 Date: कब है सोमवती अमावस्या?

तारीख को लेकर अगर आपके मन में कोई भी कंफ्यूजन है, तो पंचांग के हिसाब से सटीक समय नोट कर लीजिए। अमावस्या तिथि की शुरुआत 14 जून 2026 (रविवार) को दोपहर 12 बजकर 19 मिनट से। जबकि, अमावस्या तिथि की समाप्ति 15 जून 2026 (सोमवार) को सुबह 08 बजकर 23 मिनट पर होगा।

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स्नान-दान की सही तारीख (Somvati Amavasya Shubh Muhurat)

हिंदू धर्म में उदया तिथि (सूर्योदय के समय की तिथि) को मुख्य माना जाता है। इसलिए 15 जून 2026, सोमवार को ही सोमवती अमावस्या का व्रत रखा जाएगा और इसी दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य करना सबसे सही रहेगा।

Somvati Amavasya Significance: धार्मिक महत्व और मान्यताएं

यह दिन भगवान शिव (Lord Shiva) और माता पार्वती की पूजा के लिए सबसे उत्तम माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, अगर पति-पत्नी इस दिन साथ मिलकर शिव-शक्ति की आराधना करते हैं, तो उनके वैवाहिक जीवन के सारे तनाव और परेशानियां दूर हो जाती हैं।

इसके साथ ही यह दिन पितरों को खुश करने के लिए भी बड़ा मौका है। इस दिन किया गया तर्पण (Tarpan) और पिंडदान पितृ दोष (Pitri Dosh) को शांत करता है, जिससे घर में सुख-समृद्धि आती है और वंश की वृद्धि होती है।

Somvati Amavasya Upay: सुख-सौभाग्य बढ़ाने के 5 सरल उपाय

अगर आपके काम लंबे समय से अटक रहे हैं या घर में बरकत नहीं हो रही है, तो इस महासंयोग पर ये आसान उपाय (Astrology Tips) आजमा सकते हैं:

  1. आर्थिक तंगी दूर करने के लिए: अमावस्या के दिन गेहूं के आटे में थोड़ी सी चीनी मिलाकर चींटियों को खिलाएं। इससे धन से जुड़ी समस्याएं धीरे-धीरे खत्म होने लगती हैं।
  2. मां लक्ष्मी की कृपा के लिए (Maa Laxmi Puja): अमावस्या की शाम को तुलसी के पौधे के पास शुद्ध घी का दीपक जरूर जलाएं। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और लक्ष्मी जी का वास होता है।
  3. ईशान कोण का चमत्कारी उपाय: घर की उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) को देवताओं का स्थान माना जाता है। इस कोने में काले धागे की बत्ती बनाकर घी का एक दीपक जलाएं और उसमें थोड़ा सा केसर डाल दें। इससे घर का क्लेश शांत होता है।
  4. पीपल पेड़ की पूजा (Peepal Tree Puja): सुबह स्नान करने के बाद पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं और उसकी परिक्रमा करें। ऐसा करने से कुंडली में ग्रहों के दोष शांत होते हैं और कर्ज से मुक्ति मिलती है।
  5. महादान का फल (Donation on Amavasya): इस दिन अपनी क्षमता के अनुसार सफेद मिठाई, काले तिल, कपड़े, अनाज या जरूरतमंद लोगों को जूते-चप्पल का दान करें। अधिकमास में किए गए इस दान का पुण्य कभी खत्म नहीं होता।
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