Modi Cabinet expansion: नई दिल्ली/विशेष संवाददाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। अगले साल पंजाब विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में अटकलें लगाई जा रही हैं कि केंद्र सरकार के पहले बड़े कैबिनेट विस्तार में पंजाब को विशेष महत्व मिल सकता है।

Modi Cabinet expansion: मीडिया रिपोर्ट के हवाले कहा जा रहा है कि बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुनील जाखड़, राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राघव चड्ढा को मंत्री बनने का मौका मिल सकता है।

Modi Cabinet expansion: बता दें कि, भाजपा चुनावी राज्यों में सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण साधने के लिए नए चेहरों को आगे बढ़ाने की रणनीति पहले भी अपनाती रही है। यही वजह है कि पंजाब से संभावित प्रतिनिधित्व को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

Modi Cabinet expansion: जाखड़ के जरिए किसान और हिंदू वोट बैंक पर नजर

पंजाब भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ को राज्य में पार्टी का बड़ा चेहरा माना जाता है। कांग्रेस की पृष्ठभूमि से आने वाले जाखड़ की ग्रामीण और किसान समुदाय में मजबूत पकड़ मानी जाती है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि भाजपा पंजाब में अपना जनाधार बढ़ाने की दिशा में बड़ा संदेश देना चाहती है तो जाखड़ को केंद्र में जिम्मेदारी देकर चुनावी लाभ लेने की कोशिश कर सकती है।

See also  Rajya Sabha By Election : AAP की औद्योगिक संतुलन साधने की रणनीति, राजिंदर गुप्ता को बनाया राज्यसभा उम्मीदवार!

Modi Cabinet expansion: संगठन में मजबूत पकड़ रखते हैं तरुण चुघ

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ भी संभावित दावेदारों में गिने जा रहे हैं। अमृतसर से आने वाले चुघ संगठन में लंबे समय से सक्रिय हैं और कई राज्यों के प्रभारी की भूमिका निभा चुके हैं। केंद्रीय नेतृत्व के साथ उनकी करीबी और संगठनात्मक अनुभव उन्हें मजबूत दावेदार बनाता है। पार्टी के भीतर उन्हें पंजाब के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक माना जाता है।

Modi Cabinet expansion: राघव चड्ढा को लेकर भी सियासी चर्चा

पंजाब की राजनीति में युवा चेहरों तक पहुंचने ने लिए बीजेपी राघव चड्ढा पर दांव खेल सकती है। पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट राघव ने राष्ट्रीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई है। युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता और आर्थिक मुद्दों पर पकड़ को देखते हुए उनका नाम भी राजनीतिक चर्चाओं में शामिल है। माना जा रहा है कि पंजाब में युवा मतदाताओं को साधने की रणनीति की बना रही है।

See also  आम आदमी पार्टी में दरार: राघव चड्ढा की Z+ सुरक्षा वापस ली गई, अब केंद्र देगा सुरक्षा कवर