रायपुर। रायपुर के कांग्रेस दफ्तर में इन दिनों खासी गहमागहमी है। पार्टी आलाकमान ने संगठन को जमीन पर उतारने का जो प्लान बनाया है, उसकी शुरुआत राजधानी से हो रही है। 21 जून से 30 जून तक चलने वाले इस 10 दिवसीय ट्रेनिंग कैंप में प्रदेश भर के दिग्गज जुटेंगे। लेकिन असली शोर तो 28 जून को मचेगा।
राहुल गांधी का दो दिन का दौरा
सूत्रों की मानें तो नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 28 जून को रायपुर लैंड करेंगे। उनका ये दौरा सिर्फ एक दिन का नहीं, बल्कि दो दिन का रहने वाला है। वे यहां के ट्रेनिंग कैंप में शामिल होकर सीधे जिला और शहर अध्यक्षों से फीडबैक लेंगे। बूथ लेवल पर पार्टी कैसे काम कर रही है, इसका पूरा हिसाब-किताब राहुल गांधी खुद लेंगे।

क्यों है ये ट्रेनिंग कैंप अहम?
कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के लेटर जारी करते ही रायपुर में तैयारियां जोर पकड़ चुकी हैं। हर बूथ पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता जांची जाएगी। आगामी चुनावों को लेकर नेताओं को ‘ग्राउंड लेवल’ की ट्रेनिंग दी जाएगी। जिला और शहर अध्यक्षों के बीच बेहतर सामंजस्य बिठाने पर जोर होगा।
संगठन को धार देने की कवायद
राहुल गांधी का ये दौरा सिर्फ ट्रेनिंग तक सीमित नहीं रहने वाला। रायपुर की सड़कों और चौक-चौराहों पर चर्चा है कि कांग्रेस अब पूरी तरह से एग्रेसिव मोड में आ रही है। आलाकमान की कोशिश है कि इस 10 दिवसीय कैंप के जरिए पार्टी के कार्यकर्ताओं को इतना तैयार कर दिया जाए कि वे हर राजनीतिक चुनौती का डटकर सामना कर सकें।
क्या यह दौरा कांग्रेस के लिए गेम चेंजर साबित होगा? राहुल गांधी के इस दौरे के बाद रायपुर से लेकर बस्तर तक की राजनीति में कितना असर दिखेगा, यह तो वक्त ही बताएगा। फिलहाल तो कांग्रेस के खेमे में जबरदस्त जोश है।



