छत्तीसगढ़ में आवासीय सोसायटियों, कॉलोनियों और टाउनशिप के प्रबंधन को लेकर राज्य सरकार एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है। प्रदेश में संचालित आवासीय कल्याण संघों (Resident Welfare Association – RWA) के सुचारू संचालन, नियमों और उनके अधिकारों को कानूनी अमलीजामा पहनाने के लिए एक समग्र अधिनियम (Act) का प्रारूप तैयार किया जा रहा है।
इस नए कानून के प्रारूपण पर चर्चा करने के लिए संचालनालय नगर तथा ग्राम निवेश, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा 12 जून 2026 को एक आधिकारिक पत्र जारी कर सभी प्रमुख विभागों की एक हाई-लेवल विचार-विमर्श बैठक आमंत्रित की गई है।
क्यों पड़ रही है नए कानून की जरूरत?
अब तक छत्तीसगढ़ में कॉलोनियों और सोसायटियों के हैंडओवर और मेंटेनेंस को लेकर बिल्डर्स और नागरिकों के बीच लगातार विवाद सामने आते रहे हैं। इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए विभाग विभिन्न राज्यों में प्रचलित RWA संबंधी विधिक प्रावधानों का बारीकी से अध्ययन और परीक्षण कर रहा है। प्रस्तावित नए कानून के दायरे में निम्नलिखित मुख्य विषयों को शामिल किया जाना तय हुआ है:
पंजीयन और प्रबंधन: आवासीय समितियों और सोसायटियों के पंजीयन की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना।
वित्तीय प्रबंधन (Financial Management): सोसायटियों द्वारा वसूले जाने वाले मेंटेनेंस शुल्क, फंड के रख-रखाव और उनके ऑडिट की पारदर्शी व्यवस्था तय करना।
साझा संपत्तियों का रखरखाव: कॉलोनी के भीतर मौजूद सामान्य सुविधाओं जैसे- गार्डन, क्लब हाउस, स्ट्रीट लाइट, ड्रेनेज और सामुदायिक परिसंपत्तियों के रखरखाव की जिम्मेदारी और नियम स्पष्ट करना।
अधिकार एवं दायित्व: सोसाइटी के सदस्यों (नागरिकों) और प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों के अधिकार और कर्तव्यों का स्पष्ट निर्धारण करना ताकि आपसी विवादों को रोका जा सके।
18 जून को नवा रायपुर में होगी बड़ी बैठक
इस प्रस्तावित अधिनियम पर सभी प्रमुख हितधारकों के बहुमूल्य सुझाव और विचार प्राप्त करने के लिए 18 जून 2026 को सुबह 11:00 बजे एक महत्वपूर्ण बैठक तय की गई है। यह बैठक बैठक कक्ष क्रमांक-4, तृतीय तल, संचालनालय, इंद्रावती भवन, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित की जाएगी। विभाग ने सभी संबंधितों से स्वयं अथवा अपने अधिकृत प्रतिनिधियों को इस बैठक में भेजने का आग्रह किया है ताकि एक मजबूत कानून का मसौदा तैयार किया जा सके।




