कोरिया। रेत तस्करी के विवाद ने खूनी रूप ले लिया। सोनहत थाना क्षेत्र के नौगई गांव में भाजपा के पूर्व जनपद उपाध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह को घर के बाहर फॉर्च्यूनर कार में जिंदा जला दिया गया। उनके भाई और शिक्षक नागेंद्र सिंह की भी इलाज के दौरान मौत हो गई।

डंपर से रास्ता रोककर कार में लगाई आग

बताया जा रहा है कि भरत सिंह के रिश्तेदार ने नौगई रेत घाट का ठेका लिया था। रेत खनन को लेकर भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी के परिवार से पुराना विवाद था। 

देर रात करीब 12 बजे मनोज त्रिपाठी से जुड़े लोगों ने भरत सिंह के घर को घेर लिया। आरोप है कि हमलावरों ने डंपर लगाकर फॉर्च्यूनर कार का रास्ता रोका, फिर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। 

कार में भरत सिंह, भाई नागेंद्र सिंह, रायपुर निवासी वीरू सिंह और एक अन्य व्यक्ति सवार थे। आरोपियों ने उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं दिया। इस दौरान भरत सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। तीनों घायलों को अंबिकापुर ले जाया गया, जहां नागेंद्र सिंह ने दम तोड़ दिया। वीरू सिंह समेत दो घायलों को रायपुर रेफर किया गया है।

See also  छत्तीसगढ़ में शराब प्रेमियों और कारोबारियों के लिए बड़ी खबर! बार लाइसेंस फीस में भारी कटौती, अब रायपुर एयरपोर्ट पर भी छलकेंगे जाम

IG मौके पर पहुंचे, संदिग्ध हिरासत में  

घटना की सूचना पर सरगुजा रेंज IG दीपक झा देर रात कोरिया पहुंचे। घटनास्थल से कार का साइड मिरर और चप्पल मिले हैं। पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है। 

दो दिन पहले हुई थी FIR

दो दिन पहले भी दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। मनोज त्रिपाठी के भाई निशांत त्रिपाठी ने उत्कर्ष सिंह, लवकुश सिंह और मयंक सिंह पर FIR दर्ज कराई थी। इनमें लल्ला सिंह के परिवार के सदस्य भी शामिल बताए जा रहे हैं।

बताया जा रहा है कि भरत सिंह पहले रामचंद्र सिंहदेव के करीबी थे, बाद में भाजपा में आए। मनोज त्रिपाठी को भाजपा विधायक रेणुका सिंह का करीबी माना जाता है। क्षेत्र में तनाव का माहौल है।