रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी के खिलाफ कांग्रेस आक्रामक हो गई है। रायपुर से लेकर कोंडागांव तक आज जमकर बवाल हुआ और कांग्रेस नेताओं ने सरकार को जनता का लुटेरा बताया।

प्रदेश भर में आज का दिन विरोध प्रदर्शन के नाम रहा। बिजली की बढ़ती कीमतों को लेकर रायपुर के डंगनिया में कांग्रेसियों ने नगाड़ा बजाकर अपना गुस्सा जाहिर किया। वहीं, बिलासपुर में बिजली विभाग के दफ्तर का घेराव कर दिया गया। हालात इतने बिगड़ गए कि कोंडागांव में पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की तक हुई।

रायपुर में नगाड़ा तो बिलासपुर में घेराव

कांग्रेस के रायपुर जिलाध्यक्ष कुमार मेनन ने सरकार पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार का एक ही मकसद है जनता को लूटना। मेनन का कहना है कि 2028 के चुनाव में महतारी वंदन का हिसाब चुकाने के लिए सरकार अभी से जेब खाली करवा रही है।

क्यों बढ़े दाम? क्या है असली खेल

पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने इस बढ़ोतरी के पीछे बड़ी प्लानिंग बताई है। उनका कहना है कि सरकार अडानी के स्मार्ट मीटर और सोलर पैनल लगाने के लिए जमीन तैयार कर रही है। सब कुछ पहले से तय था।

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जानिए क्या हैं नई दरें (1 जुलाई से लागू)

  • घरेलू उपभोक्ता: 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक महंगी।
  • व्यावसायिक (कॉमर्शियल): 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी।
  • कृषि पंप: 40 पैसे प्रति यूनिट बढ़े दाम।
  • आयोग की सफाई, जनता का तर्क अलग

बिजली नियामक आयोग (CSERC) का कहना है कि ज्यादातर घरेलू उपभोक्ताओं पर इसका असर कम पड़ेगा। उनके मुताबिक, बिल हाफ योजना का फायदा 400 यूनिट तक वाले उपभोक्ताओं को मिलता रहेगा। आयोग का तर्क है कि कंपनी को एक यूनिट बिजली देने में 7.13 रुपए का खर्च आता है, जबकि वसूली कम हो रही थी।