रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर बस्तर कांकेर के तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार पटेल को निलंबित कर दिया है। उन पर हेड मास्टर की पदोन्नति के बाद शासन के निर्देशों के खिलाफ जाकर पदस्थापना आदेश में संशोधन करने का आरोप है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल प्रधान पाठक के पद पर पदोन्नति के बाद काउंसलिंग के जरिए शिक्षकों की पदस्थापना की गई थी। आरोप है कि तत्कालीन DEO अशोक कुमार पटेल ने शासन के निर्देशों के विपरीत बिना काउंसलिंग किए ही पदांकित स्थान में संशोधन कर दिया। 

शिकायत के बाद हुई जांच

मामले की शिकायत मिलने पर विभाग ने जांच दल गठित किया था। जांच में अशोक पटेल को दोषी पाया गया। जिसके बाद टीम ने अपनी रिपोर्ट जेडी बस्तर को सौंपी। जेडी बस्तर ने अनुशंसा के साथ रिपोर्ट स्कूल शिक्षा विभाग को भेजी। 

गंभीर कदाचार माना गया

आदेश के मुताबिक अशोक कुमार पटेल, मूल पद प्राचार्य टी संवर्ग, ने पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता बरती। उनका यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 के विपरीत गंभीर कदाचार है।

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राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील नियम 1966 के नियम-9 (1) (क) के तहत अशोक पटेल को निलंबित किया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय लोक शिक्षण संचालनालय, नवा रायपुर नियत किया गया है।