छत्तीसगढ़ कांग्रेस की बड़ी तैयारी: अभनपुर पहुंचे राहुल गांधी

टीआरपी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को अभनपुर में आयोजित कांग्रेस जिलाध्यक्षों के 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में शामिल होकर संगठन को मजबूत करने का मूलमंत्र दिया। इस दौरान उन्होंने आगामी 2028 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व के साथ बंद कमरे में भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर भी गहन मंथन किया।

यह शिविर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के जमीनी संगठन को पुनर्जीवित करने के लिहाज से बेहद अहम है। विधानसभा चुनाव भले ही अभी दूर हैं, लेकिन शीर्ष नेतृत्व की राज्य में इस स्तर पर सक्रियता दर्शाती है कि कांग्रेस स्थानीय मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरने और कार्यकर्ताओं में नए सिरे से जोश फूंकने के लिए पूरी तरह गंभीर हो चुकी है।

बंद कमरे में दिग्गजों के साथ महामंथन

अभनपुर के अग्रवाल मंगल भवन में आयोजित इस शिविर की शुरुआत रविवार को योगाभ्यास के साथ हुई, जो 29 जून तक चलेगा। शिविर के पहले दिन राहुल गांधी ने प्रदेशभर से आए जिलाध्यक्षों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कड़े शब्दों में कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने, गुटबाजी से पूरी तरह दूर रहने और प्रदेश में जल, जंगल और जमीन जैसे जनसरोकार के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की हिदायत दी। उन्होंने साफ किया कि संगठन की मजबूती के लिए कार्यकर्ताओं का सम्मान और भागीदारी सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

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प्रशिक्षण शिविर के दौरान राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा राहुल गांधी की वरिष्ठ नेताओं के साथ हुई ‘सीक्रेट मीटिंग’ की रही। बंद कमरे में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट, प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव और पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान राज्य के मौजूदा राजनीतिक हालात और आगामी आंदोलनों की रूपरेखा तय की गई। इस दौरान सचिन पायलट ने दावा किया कि राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ माहौल बन रहा है, जिसका लाभ उठाने के लिए संगठन को एकजुट होना होगा। शिविर में प्रशिक्षण प्रभारी सचिन राव की टीम द्वारा जिलाध्यक्षों को विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है।

शिविर की अवधि: अभनपुर में आयोजित कांग्रेस का यह विशेष प्रशिक्षण शिविर 21 जून से 29 जून तक कुल 10 दिनों तक चलेगा।

प्रमुख मुद्दे: राहुल गांधी ने जिलाध्यक्षों को जल, जंगल और जमीन से जुड़े स्थानीय मुद्दों पर आक्रामक राजनीति करने के निर्देश दिए।

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रणनीतिक बैठक: बंद कमरे की बैठक में प्रदेश के 6 बड़े दिग्गज नेता (भूपेश, पायलट, बैज, महंत, सिंहदेव, साहू) रणनीति बनाने शामिल हुए।

इस 10 दिवसीय शिविर के समापन के बाद कांग्रेस के सभी जिलाध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्रों में लौटकर ब्लॉक और बूथ स्तर पर नए सिरे से कमेटियों का पुनर्गठन करेंगे। राहुल गांधी और सचिन पायलट द्वारा दिए गए निर्देशों के आधार पर जुलाई महीने से प्रदेश सरकार के खिलाफ ब्लॉक स्तर पर नए प्रदर्शनों की शुरुआत हो सकती है।