टीआरपी डेस्क। इंदौर के नामी शिशुकुंज स्कूल में दूषित खाना खाने से 150 से ज्यादा बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। यह मामला सोमवार को तब सामने आया जब परेशान पेरेंट्स ने स्कूल कैंपस में हंगामा किया और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो गए। बीमार बच्चों में सबसे ज्यादा संख्या चौथी क्लास के बच्चों की है, जिनकी उम्र करीब 10 से 11 साल है।

बच्चों को शनिवार 20 जून को स्कूल में लंच करने के बाद से ही उल्टी, दस्त, घबराहट और गले में इन्फेक्शन की शिकायत होने लगी थी। शुरू में पेरेंट्स समझ नहीं पाए, लेकिन जब पर्सनल वॉट्सएप ग्रुप पर चर्चा हुई तो पता चला कि कई बच्चों के साथ ऐसा हुआ है। इसके बाद पेरेंट्स ने स्कूल मैनेजमेंट को ई-मेल भेजकर शिकायत दर्ज कराई। इस स्कूल में बड़े अफसरों और नामी उद्योगपतियों के बच्चे पढ़ते हैं, जिससे मामला तुरंत गरमा गया।

जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट जांच के लिए पहुंची स्कूल

शिकायत मिलते ही जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट की टीम जांच के लिए स्कूल पहुंची। करीब चार घंटे तक चली इस जांच में स्कूल के किचन और मेस का बारीकी से निरीक्षण किया गया। टीम को किचन में 10 पैकेट एक्सपायर्ड मसाले और 2 पैकेट एक्सपायर्ड नमकीन मिले। लापरवाही सामने आने पर प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया और किचन को अगले आदेश तक सील कर दिया। इसके साथ ही केस भी दर्ज किया गया है।

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टीम ने कुल 23 फूड सैंपल इकट्ठे किए

जांच टीम ने पनीर, आइसक्रीम, दूध, दाल और पानी समेत कुल 23 फूड सैंपल इकट्ठे किए हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि केवल एक्सपायर्ड मसालों से इतनी बड़ी संख्या में बच्चे बीमार नहीं हो सकते। गर्मी के इस मौसम में कोल्ड स्टोरेज या फ्रीजर का तापमान सही न होने से डेयरी प्रोडक्ट्स यानी दूध-पनीर जल्दी खराब हो जाते हैं। इसलिए अब मुख्य फोकस इन चीजों की जांच पर है।

स्कूल में स्वच्छता के सभी नियमों का पालन : को-ऑर्डिनेटर

इधर स्कूल की को-ऑर्डिनेटर के मुताबिक स्कूल में स्वच्छता के सभी नियमों का पालन होता है। उन्होंने कहा कि असली वजह जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगी। वहीं, इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आम लोगों के लिए एक हेल्पलाइन नंबर 0731-181 जारी किया है। उन्होंने अपील की है कि कहीं भी मिलावट या गंदगी दिखे तो तुरंत शिकायत करें।

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