रायपुर। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने को लेकर सरकार की तैयारियां तेज हो गई हैं, तो दूसरी तरफ कांग्रेस ने इसे सत्ता बचाने का प्रपंच करार दिया है। इस पर भाजपा ने भी पलटवार करते हुए कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप मढ़ दिया है।

UCC पर सियासी संग्राम

पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने मीडिया से बात करते हुए दो टूक कहा कि भारत विविधताओं का देश है। उन्होंने कहा कि UCC एक पेचीदा विषय है और जंगल में रहने वाले आदिवासियों को तो इसके बारे में जानकारी तक नहीं है। भगत के इस बयान पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सरकार ने कमेटी बना दी है, जो हर वर्ग से चर्चा करेगी। वहीं भाजपा नेता केदार गुप्ता ने भरोसा दिलाया कि UCC लागू होने के बाद भी आदिवासी समाज की परंपराएं पूरी तरह सुरक्षित रहेंगी।

अमरजीत भगत ने दावा किया कि कांग्रेस के नए प्रशिक्षण शिविर से भाजपा का बीपी बढ़ गया है। जवाब में अरुण साव ने तंज कसा कि बीपी तो कांग्रेस का बढ़ा है, जिसके साथी दल उन्हें छोड़कर भाग रहे हैं। केदार गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस को अपना पूरा बॉडी चेकअप करवाना चाहिए, क्योंकि 22 राज्यों से उन्हें खदेड़ा जा चुका है।

See also  स्वास्थ्य विभाग में करोड़ों के घोटाले का आरोप लगाया कर्मचारी संघ ने, कलेक्टर के आदेश के तीन सप्ताह बाद भी CMHO ने नहीं कराई जांच

खाद-बीज संकट पर तनातनी

इस बीच प्रदेश में खाद और बीज की किल्लत को लेकर भी किसानों के बीच नाराजगी है। अमरजीत भगत ने सरकार को घेरते हुए कहा कि धान के कटोरे में किसान बेहाल हैं और कालाबाजारी जोरों पर है। सरकार इस मामले में लाचार दिख रही है। इसके उलट उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि खाद-बीज की पूरी व्यवस्था कर दी गई है। कांग्रेस सिर्फ किसानों को गुमराह करने का काम कर रही है।

रायपुर से लेकर बस्तर तक, इन मुद्दों पर आम जनता की नजरें टिकी हैं। फिलहाल, यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार UCC पर आगे क्या कदम उठाती है और विपक्ष का प्रशिक्षण कितना असर दिखाता है।