आरंग। खाद की किल्लत से जूझ रहे किसानों के बीच रायपुर जिला कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। समोदा स्थित कृषि केंद्र में दबिश देकर 1205 बोरी (60.25 मीट्रिक टन) अवैध रूप से भंडारित उर्वरक जब्त किया गया है। संचालक ने गोदाम और प्राधिकार पत्र के ‘स्रोत प्रमाण पत्र’ में बिना एंट्री के भारी मात्रा में खाद का अवैध भंडारण कर रखा था।

उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत जब्ती

कृषि विभाग की टीम ने उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत सभी 1205 बोरियां जब्त कर ली हैं। फिलहाल जब्त भंडार को सुरक्षित अभिरक्षा के लिए मेसर्स वर्मा कृषि केंद्र समोदा को ही सुपुर्द किया गया है। विभाग ने विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर वैधानिक कार्रवाई के लिए कलेक्टर को भेज दी है।

एक ओर किसान लाइन में, दूसरी ओर कालाबाजारी

खरीफ सीजन में किसान सोसायटियों और दुकानों के चक्कर काट रहे हैं। धूप-बारिश में लाइन लगाने के बाद भी जरूरत के मुताबिक खाद नहीं मिल रही। ऐसे में इतनी बड़ी मात्रा में अवैध खाद मिलना साफ करता है कि मुनाफे के लिए जमाखोर कृत्रिम किल्लत पैदा कर रहे थे।

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उड़नदस्ता सक्रिय, लाइसेंस होंगे निरस्त

कृषि विभाग रायपुर ने चेतावनी दी है कि उर्वरकों के परिवहन, भंडारण और वितरण पर उड़नदस्ता और स्थानीय टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। जिले में कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्धारित मूल्य से अधिक दाम पर खाद बेचने वालों के लाइसेंस निरस्त होंगे। अवैध भंडारण और जमाखोरी पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।