टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ में आम जनता को आज से बिजली का बड़ा झटका लगने जा रहा है। छत्तीसगढ़ विद्युत नियामक आयोग की ओर से तय की गई बिजली की नई दरें आज से पूरे राज्य में लागू हो गई हैं। अब उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट तीस से पचास पैसे तक ज्यादा पैसे देने होंगे। चालू वित्तीय वर्ष के लिए घोषित इस नए टैरिफ के कारण लोगों का महीने का बजट बिगड़ना तय है।
घरेलू और कमर्शियल बिजली दोनों के दाम बढ़े
पिछले साल के मुकाबले इस बार बिजली की कीमतों में ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। जहां पिछले साल घरेलू बिजली सिर्फ दस से बीस पैसे महंगी हुई थी, वहीं इस बार इसे तीस से पचास पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ा दिया गया है। इसी तरह गैर घरेलू यानी दुकानदारों और कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में बीस से चालीस पैसे प्रति यूनिट का इजाफा हुआ है। किसानों के लिए भी कृषि पंपों की दरें चालीस पैसे प्रति यूनिट महंगी कर दी गई हैं।
अग्रिम भुगतान पर कम मिलेगी छूट और लगेगा जुर्माना
नए नियमों के तहत अगर आप अपने बिजली बिल का एडवांस यानी समय से पहले भुगतान करते हैं, तो मिलने वाली छूट को सवा एक प्रतिशत से घटाकर पौने एक प्रतिशत कर दिया गया है। इसके अलावा बिल की आखिरी तारीख बीतने के बाद लगने वाले जुर्माने के नियम में भी बदलाव हुआ है। अब तय समय के बाद बिल जमा करने पर हर महीने के हिसाब से डेढ़ प्रतिशत का जुर्माना नहीं लगेगा, बल्कि इसकी जगह हर दिन के हिसाब से शून्य दशमलव शून्य चार प्रतिशत की दर से सरचार्ज यानी अतिरिक्त शुल्क जोड़ा जाएगा। साथ ही शादी-ब्याह या अन्य कार्यक्रमों के लिए लिए जाने वाले अस्थायी कनेक्शन की दरें भी सवा गुना से बढ़ाकर डेढ़ गुना कर दी गई हैं।
जानिए कितनी महंगी हुई आपके घर की बिजली
शून्य से सौ यूनिट तक की बिजली के लिए पहले प्रति यूनिट चार रुपये दस पैसे देने होते थे, जिसके लिए अब चार रुपये चालीस पैसे देने होंगे। इसी तरह एक सौ एक से दो सौ यूनिट तक का रेट चार रुपये बीस पैसे से बढ़कर चार रुपये पचास पैसे हो गया है। दो सौ एक से चार सौ यूनिट के लिए पहले पांच रुपये साठ पैसे लगते थे, जो अब छह रुपये हो गए हैं। चार सौ एक से छह सौ यूनिट का रेट छह रुपये साठ पैसे से बढ़कर सात रुपये हो गया है। वहीं छह सौ एक यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च करने पर अब आठ रुपये तीस पैसे की जगह आठ रुपये अस्सी पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से बिल चुकाना होगा।
लंबित बिल चुकाने के लिए मिली तीन महीने की राहत
महंगाई के इस झटके के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कबीर जयंती के मौके पर उपभोक्ताओं को एक बड़ी राहत भी दी है। जिन लोगों का बिजली बिल लंबे समय से बकाया है, उन्हें अपना बिल जमा करने के लिए तीन महीने का अतिरिक्त समय दिया गया है। इस तय समय के भीतर अपना पुराना बकाया बिल चुकाने वाले ग्राहकों से कोई भी अतिरिक्त सरचार्ज यानी विलंब शुल्क नहीं लिया जाएगा।
बिल जमा करने पर मिलेगी दस प्रतिशत की विशेष छूट
सरकार ने घोषणा की है कि बकाया बिलों पर केवल सरचार्ज ही माफ नहीं होगा, बल्कि तय समय के अंदर पूरा भुगतान करने वाले पात्र उपभोक्ताओं को कुल मूल राशि पर दस प्रतिशत की विशेष छूट भी दी जाएगी। इस फैसले से राज्य के लाखों उपभोक्ताओं को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा और वे कम पैसों में अपना पुराना बिल चुका सकेंगे।



