रायपुर। नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई के बाद उठी चीखें अब फिर से रायपुर कलेक्ट्रेट में सुनाई दी। अपने घर उजड़ने का दर्द सीने में लिए विस्थापित परिवार शुक्रवार (3 जुलाई) से कलेक्ट्रेट के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। चेहरे पर आक्रोश, आंखों में आंसू और दिल में इंसाफ की उम्मीद लेकर ग्रामीणों पहुचें है।

धरने में बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे शामिल हैं। कई कांग्रेस नेता भी प्रदर्शन में पहुंचे, जिसके बाद यह मुद्दा अब पूरी तरह राजनीतिक रंग भी ले चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने उनके सिर से छत छीन ली, लेकिन आज तक रहने का सम्मानजनक इंतजाम नहीं किया।

इससे पहले भी विस्थापित परिवार कई दिनों तक अपने टूटे हुए घरों के मलबे के बीच बारिश और कीचड़ में बैठे रहे। 80 मकानों पर बुलडोजर चलने के बाद भी उनका संघर्ष थमा नहीं। गुरुवार को पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव गांव पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनका दर्द सुना। वहीं रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि रात के अंधेरे में घर तोड़ने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए और वे आज भी ग्रामीणों के साथ खड़े हैं।

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ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा ईडब्ल्यूएस श्रेणी के मकान देने का दावा सिर्फ कागजों तक सीमित है। उनका कहना है कि सभी परिवारों को मकान नहीं मिले हैं और जो मिले भी हैं, वे इतने छोटे हैं कि बड़े परिवारों का रहना संभव नहीं। पानी, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। इसलिए उनकी एक ही मांग है- हमें नकटी गांव में ही सम्मानजनक घर बनाकर दिए जाएं।

धरना स्थल पर माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर और विधायक अनुज शर्मा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कलेक्ट्रेट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। आनन-फानन में प्रदर्शन स्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और कलेक्ट्रेट में आम लोगों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है। इस पर प्रदर्शनकारियों का कहना है कि “क्या हम अपने हक की बात करने आए हैं या अपराधी हैं? हमें निगरानी में रखा जा रहा है, जैसे हमने कोई जुर्म किया हो।”

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नवीन कुमार साहू को पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 5 वर्ष से अधिक का अनुभव है। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से Bachelor of Science (Electronic Media) और Master of Science (Electronic Media) की डिग्री हासिल की है। उन्होंने राजधानी रायपुर के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें छत्तीसगढ़, राष्ट्रीय समाचार, राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन का अनुभव है। वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और SEO-अनुकूल समाचार एवं लेख तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और उपयोगी जानकारी सरल भाषा में पहुंचाना है।