बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बिलासपुर केंद्रीय जेल में बंद सजायाफ्ता कैदी विजय माधव बाजपेयी की 14 दिन की पैरोल याचिका खारिज कर दी। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान राज्य में पैरोल-जमानत पर छूटने के बाद कैदियों के फरार होने की बढ़ती घटनाओं पर गंभीर चिंता जताई। कोर्ट ने कहा पैरोल पर छूटे 40 कैदियों में से 38 अब तक वापस नहीं आए हैं।
‘अच्छे आचरण के बावजूद नहीं मिली राहत’
बाजपेयी ने कलेक्टर बिलासपुर के 27 मार्च 2026 के आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उसकी पैरोल अर्जी खारिज की गई थी। याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि वह 6 साल 21 दिन की सजा काट चुका है और जेल अधीक्षक ने उसके अच्छे आचरण का सकारात्मक प्रतिवेदन भी दिया है। इसी आधार पर पैरोल देने की मांग की गई थी।
‘40 में से 38 फरार, व्यवस्था पर सवाल’
सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने एक जनहित याचिका का हवाला दिया। रिकॉर्ड के अनुसार पैरोल पर छोड़े गए 40 कैदियों में से 38 अब तक जेल वापस नहीं लौटे और फरार हैं। कोर्ट ने कहा कि यह आंकड़ा गंभीर चिंता का विषय है और पैरोल व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है।
कलेक्टर का फैसला सही, याचिका खारिज
इन परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने माना कि कलेक्टर द्वारा पैरोल आवेदन निरस्त करने का निर्णय उचित था। कोर्ट ने इसमें हस्तक्षेप से इनकार करते हुए विजय माधव बाजपेयी की रिट याचिका खारिज कर दी।


