संसद भवन

टीआरपी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारत सरकार की सिफारिश पर 20 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) का मानसून सत्र बुलाने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है। केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि लगभग तीन सप्ताह तक चलने वाले इस सत्र में राष्ट्रीय महत्व के कई अहम विधेयकों पर चर्चा और निर्णय लिए जाएंगे।

संसद के इस सत्र में छत्तीसगढ़ के कोटे से आने वाले राज्यसभा और लोकसभा सांसद प्रदेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण बुनियादी मुद्दों, नई रेल परियोजनाओं और जनजातीय कल्याण से जुड़ी योजनाओं को पटल पर रख सकते हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय स्तर पर उठने वाले नीट (NEET) परीक्षा विवाद जैसे मुद्दों का सीधा सरोकार छत्तीसगढ़ के हजारों छात्र-छात्राओं और उनके भविष्य से जुड़ा हुआ है।

राष्ट्रपति के अभिभाषण से होगी शुरुआत, हंगामे के आसार

संसदीय परिपाटी के अनुसार, मानसून सत्र की शुरुआत दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ होगी, जिसके बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा कराई जाएगी। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने उम्मीद जताई है कि सत्र के दौरान सार्थक बहस और विधायी कार्य संपन्न होंगे। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हालिया घटनाक्रमों को देखते हुए इस बार विपक्ष सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है।

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सत्र के दौरान नीट (NEET) पेपर लीक का मामला, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर का चढ़ावा चोरी विवाद और अंडमान की ग्रेट निकोबार परियोजना जैसे संवेदनशील मुद्दों पर विपक्ष द्वारा भारी हंगामा और नारेबाजी करने की आशंका है। इसके अलावा, तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहे घटनाक्रमों पर स्पीकर ओम बिरला के फैसले पर भी सबकी नजरें टिकी रहेंगी।

संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई 2026 से शुरू होकर 13 अगस्त 2026 तक कुल तीन सप्ताह चलेगा।
संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू के अनुसार, इस सत्र में कई महत्वपूर्ण सरकारी विधेयकों को पारित कराने का प्रयास किया जाएगा।

20 जुलाई से शुरू हो रहे इस सत्र में सरकार जहां अपने विधायी एजेंडे को पूरा करने की कोशिश करेगी, वहीं विपक्ष एकजुट होकर जनहित और प्रशासनिक कमियों के मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास करेगा, जिससे सत्र के काफी हंगामेदार रहने की उम्मीद है।

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