रायपुर। नकटी गांव की जमीन को लेकर मचा घमासान अब और तेज हो गया है। यहां की जमीन पर जारी विवाद और विधायक कॉलोनी बनने की खबरों के बीच हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष अनुराग सिंह के एक बयान ने इस विवाद को एक नया मोड़ दे दिया है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कर दिया है कि वहां कोई भी विधायक कॉलोनी नहीं बन रही है।
किसकी है जमीन का असली मालिक?
अनुराग सिंह ने दावा किया है कि नकटी की जिस विवादित जमीन पर तोड़फोड़ की कार्रवाई हुई, उसका हाउसिंग बोर्ड से कोई लेना-देना ही नहीं है। उन्होंने दो टूक कहा कि यह पूरी जमीन अभी राजस्व विभाग के पास है। यह पूरी तरह से शासकीय भूमि है।
अध्यक्ष ने बताया कि अतिक्रमण का खेल पुराना है। साल 2022 में करीब 3 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा था, लेकिन 2023-24 के दौरान लोगों ने इसे और बढ़ा लिया। हैरानी की बात तो यह है कि कुछ जगहों पर तो एक-एक व्यक्ति ने 29 हजार वर्गफीट तक जमीन घेर रखी थी। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि हाईकोर्ट पहले ही इसे सरकारी जमीन बता चुका है।
क्या बलौदाबाजार जैसा बवाल दोहराने की कोशिश?
इस मामले को लेकर कांग्रेस पर हमला करते हुए अनुराग सिंह ने सीधे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बेवजह जनभावनाओं को भड़काकर माहौल खराब करना चाहती है। सिंह ने दावा किया कि कांग्रेस बलौदाबाजार जैसी घटना को फिर से दोहराने की फिराक में है।
उन्होंने पिछली सरकार का कच्चा-चिट्ठा खोलते हुए कहा कि भूपेश सरकार के समय छेड़ीखेड़ी में भी ऐसी ही कार्रवाई हुई थी। तब 150 कब्जाधारियों को हटाया गया था और बाद में वहां विधायकों को जमीन दे दी गई थी। सिंह ने आरोप लगाया कि उस वक्त सरकार के खिलाफ हुए प्रदर्शन में एक किसान की जान तक चली गई थी। अब कांग्रेस वही सब फिर से करवाना चाहती है।
फिलहाल, इस सफाई के बाद स्थानीय लोगों की नजरें अब राजस्व विभाग के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या प्रशासन का बुलडोजर आगे भी चलेगा या मामला ठंडा पड़ेगा? ये बड़ा सवाल है।


