मध्य प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसका सीधा असर राज्य की कानून व्यवस्था और कामकाज पर पड़ने वाला है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर राज्य सरकार ने करीब 10 वर्षों से अटकी नियमित पदोन्नति (प्रमोशन) प्रक्रिया को हरी झंडी दे दी है. सरकार के इस फैसले से सालों से एक ही पद पर डटे अधिकारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है.
लंबे इंतजार के बाद जारी हुआ आदेश, नहीं बदली पदस्थापना
दरअसल, सामान्य प्रशासन विभाग ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के कड़े रुख के बाद 7 जुलाई को इस पदोन्नति का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है.
कितने अधिकारियों का हुआ प्रमोशन: राज्य के 190 तहसीलदारों और लैंड रिकॉर्ड अधीक्षकों को सीधे डिप्टी कलेक्टर पद पर प्रमोट किया गया है.
गौरतलब है कि आदेश में साफ किया गया है कि फिलहाल इन प्रमोट हुए अधिकारियों की पदस्थापना (पोस्टिंग) की जगह में कोई बदलाव नहीं किया गया है. वे अभी अपने मौजूदा क्षेत्रों में ही काम संभालेंगे.













