A symbolic view of a stock market and trading screen displaying information about dividend stocks.
Investors gathering information related to stock market investments and dividends.

मुंबई। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव का सीधा और बड़ा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ सीजफायर (युद्धविराम) समझौता खत्म करने और सैन्य हमलों के ऐलान के बाद घरेलू शेयर बाजार ताश के पत्तों की तरह ढह गया। बुधवार दोपहर को महज 20 मिनट के भीतर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा टूट गया और देखते ही देखते बिकवाली का यह दबाव 1900 अंकों की भारी गिरावट में बदल गया। इस गिरावट से निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

20 मिनट में साफ हुए 1000 अंक, निफ्टी भी 600 पॉइंट नीचे

बुधवार दोपहर 1 बजकर 40 मिनट पर सेंसेक्स 77,600 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। लेकिन अंतरराष्ट्रीय मोर्चे से आई युद्ध की खबरों के चलते ठीक 2 बजे तक यह 1000 अंक गिरकर 76,700 के करीब आ गया। बाजार बंद होने के समय तक सेंसेक्स करीब 2.50% की गिरावट के साथ 76,300 के स्तर पर पहुंच गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के सूचकांक निफ्टी में भी करीब 600 अंकों (2.45%) की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह खिसककर 23,800 के स्तर पर आ गया। इससे पहले बीते कारोबारी दिन यानी 7 जुलाई को भी सेंसेक्स 104 अंक गिरकर 78,181 पर बंद हुआ था।

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सरकारी बैंक और FMCG शेयरों में सबसे बड़ी मार

बाजार में आई इस सुनामी के दौरान बैंकिंग और रोजमर्रा के उपभोग की वस्तुएं बनाने वाली (FMCG) कंपनियों के शेयरों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है। विभिन्न सेक्टरों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो स्थिति इस प्रकार रही:

सेक्टर इंडेक्सवर्तमान स्तरअंकों में गिरावटप्रतिशत में बदलाव
निफ्टी PSU बैंक8,112-186-2.74%
निफ्टी FMCG49,160-1,070-2.13%
निफ्टी बैंक56,801-1,315-2.09%
निफ्टी प्राइवेट बैंक27,686-603-2.01%
निफ्टी ऑटो26,821-532-1.65%
निफ्टी आईटी27,587-352-1.32%
निफ्टी फार्मा25,366-308-1.24%
निफ्टी मेटल12,458-98-0.78%

कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग, 75 डॉलर के करीब पहुंचे दाम

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े रुख के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में अचानक 6% का भारी उछाल आया है। इसके साथ ही कच्चे तेल के दाम एक बार फिर 75 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गए हैं। ट्रंप ने अंकारा में कहा कि ईरान के साथ हुआ समझौता अब पूरी तरह खत्म हो चुका है और अमेरिकी सेना ने रात में ईरान पर बेहद शक्तिशाली हमले किए हैं। इस बयान के बाद होर्मुज स्ट्रेट से होने वाली तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका ने बाजार को डरा दिया है।

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एशियाई और अमेरिकी बाजारों का हाल

वैश्विक बाजारों की बात करें तो कल अमेरिकी बाजारों में भी गिरावट का माहौल था। डाउ जोन्स 0.25%, नैस्डैक 1.16% और S&P 500 सूचकांक 0.45% गिरकर बंद हुए थे। आज एशियाई बाजारों में भी इसका मिला-जुला और नकारात्मक असर देखा गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) इंडेक्स रिकॉर्ड 5.35% टूट गया, जबकि जापान का निक्केई 2.11% की गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि, हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 2.99% की बढ़त बनाने में कामयाब रहा। भारतीय बाजार में कल ही विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 393 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की थी, लेकिन आज के भू-राजनीतिक घटनाक्रमों ने घरेलू बाजार का पूरा सेंटिमेंट बिगाड़ दिया।