KTU Raipur News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (KTU) ने अब समाज और बच्चों के भविष्य को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। विश्वविद्यालय में अब पीजी डिप्लोमा इन प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स नाम का एक नया कोर्स शुरू हो गया है।
सबसे खास बात यह है कि इस कोर्स का नाम रक्षक रखा गया है। छत्तीसगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग की कोशिशों से शुरू हुआ यह प्रदेश का पहला ऐसा कोर्स है, जो सीधे तौर पर युवाओं को बच्चों की सुरक्षा के लिए तैयार करेगा।
क्यों है यह कोर्स जरूरी?
आज के दौर में बाल अधिकारों के लिए सिर्फ NGO ही काफी नहीं हैं। इस कोर्स के जरिए युवाओं को बाल संरक्षण के कानून, सरकारी योजनाओं और उनके अधिकारों का बारीकी से ज्ञान दिया जाएगा। जो छात्र सामाजिक कार्यों या फील्ड में अपना करियर बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह रक्षक डिप्लोमा एक सुनहरा मौका है। अब सरकारी और निजी बाल संरक्षण इकाइयों में काम करने वाले लोगों को प्रॉपर ट्रेनिंग मिल सकेगी।
पत्रकारों के लिए खास क्यों है रक्षक?
KTU में इस कोर्स को शुरू करने के पीछे एक बहुत बड़ा विजन है। अक्सर मीडिया में नाबालिगों से जुड़े अपराधों की रिपोर्टिंग के दौरान नियम कायदे ताक पर रख दिए जाते हैं। पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले छात्रों को यह समझना बहुत जरूरी है कि जब आरोपी और पीड़ित दोनों ही नाबालिग हों, तो खबर कैसे लिखनी है।
कोर्स के दौरान पत्रकारों को सिखाया जाएगा:
- नाबालिगों से जुड़े मामलों में SOP (मानक संचालन प्रक्रियाएं) का पालन कैसे करें।
- कानूनी पेचीदगियों और बच्चों की पहचान छिपाने के नियमों की जानकारी।
- डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया पर बच्चों की गरिमा बनाए रखना।
करियर और रोजगार की राह
यह कोर्स सिर्फ डिग्री देने के लिए नहीं है, बल्कि रोजगार देने के लिए है। बाल संरक्षण के क्षेत्र में प्रशिक्षित युवाओं की डिमांड लगातार बढ़ रही है। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया से जुड़े पत्रकारों के लिए यह एक एडिशनल क्वालिफिकेशन की तरह काम करेगा। अब KTU से निकलने वाले छात्र न केवल खबरें लिखेंगे, बल्कि समाज में बच्चों के अधिकारों की रक्षा का आधार भी बनेंगे।


