Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में महादेव सट्टा एप के खिलाफ ईडी (ED) ने अपनी सबसे बड़ी कार्रवाई की है। रायपुर जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में बड़ा एक्शन लेते हुए आरोपी विकास गर्ग और उसके परिवार के नाम पर मौजूद करीब 940.77 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां जब्त कर ली हैं। इस कार्रवाई के बाद से सट्टा सिंडिकेट से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।

कैसे होता था खेल?

ईडी की जांच में सामने आया कि ये सट्टेबाजी सिंडिकेट विदेश से फ्रैंचाइजी-आधारित ‘पैनल’ नेटवर्क चला रहा था। इसका जाल इतना बड़ा था कि हर महीने 450 करोड़ रुपये से ज्यादा की अवैध कमाई हो रही थी। ये सारा पैसा अकोमोडेशन एंट्रीज यानी कागजी लेन-देन के जरिए सफेद किया जाता था। इसके लिए फर्जी कंपनियों (शेल कंपनियों) का एक पूरा जाल बिछाया गया था।

विकास गर्ग के जरिए घूमता था पैसा

जांच में खुलासा हुआ कि महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज से हुई अवैध कमाई का 940.77 करोड़ रुपये का हिस्सा विकास गर्ग के कंट्रोल वाली संस्थाओं में भेजा गया था। इन पैसों से बाद में शेयर, सिक्योरिटी और महंगी रिहायशी संपत्तियां खरीदी गईं। ईडी ने अब इन सभी संपत्तियों को प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के तहत जब्त कर लिया है।

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3800 करोड़ के पार पहुंची जब्ती

यह पहली बार नहीं है जब ईडी ने महादेव एप केस में शिकंजा कसा है। इससे पहले भी सात बार संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। रायपुर की PMLA स्पेशल कोर्ट में कई अभियोजन शिकायतें भी दायर हैं। इस लेटेस्ट कार्रवाई से पहले ही करीब 2,825 करोड़ रुपये की संपत्तियां सीज हो चुकी थीं। अब कुल जब्ती का आंकड़ा 3,800 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है।

सूत्रों के मुताबिक, इस नेटवर्क की जड़ें काफी गहरी हैं और अभी कई और नाम ईडी की रडार पर हैं। देश के अलग-अलग राज्यों जैसे आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ पुलिस की एफआईआर को आधार बनाकर ये जांच लगातार तेज हो रही है। मामले में आगे की पड़ताल जारी है और आने वाले दिनों में और भी बड़ी गिरफ्तारियां या अटैचमेंट देखने को मिल सकते हैं।