टीआरपी डेस्क। 16 दिन पहले जांजगीर-चांपा जिले में जो हुआ, उसने पूरे छत्तीसगढ़ को हिलाकर रख दिया था। कोसमंदा गांव की दुल्हन मुस्कान प्रधान ने मंडप में दूल्हे संत कुमार पर शराब पीने का आरोप लगाया और शादी से इनकार कर दिया। मुस्कान का ये कदम रातों-रात सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पुलिस और प्रशासन ने भी उसके साहस की जमकर तारीफ की थी। सबको लगा कि ये रिश्ता टूट गया, लेकिन गुरुवार को जो हुआ, उसने सबको हैरान कर दिया।
मनका दाई मंदिर में लिए सात फेरे
मुस्कान ने उसी संत कुमार के साथ खोखरा स्थित मनका दाई मंदिर में सात फेरे ले लिए। मुस्कान उस दिन परिवार परामर्श केंद्र में अपनी ड्यूटी पर थी। दोपहर 2 बजे वो वहां से निकली, लेकिन घर जाने के बजाय सीधे संत कुमार के गांव पहुंच गई। मंदिर में दोनों ने हिंदू रीति-रिवाज से दोबारा शादी की। हालांकि इस शादी की जानकारी लड़की के घरवालों को काफी देर से मिली।
साजिश का शिकार हुए थे संत कुमार
आखिर 16 दिन में ऐसा क्या हुआ कि मुस्कान का मन बदल गया? संत कुमार का दावा है कि उस दिन वो नशे में बिल्कुल नहीं थे। उन्होंने बताया कि किसी ने उनकी कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिला दिया था। दूल्हे का कहना है कि ये सब एक सोची-समझी साजिश थी, ताकि उनकी शादी टूट जाए।
बाद में मुस्कान से बात हुई, गलती का एहसास हुआ और दोनों ने फोन पर लगातार बात की। सारी गलतफहमियां दूर होने के बाद उन्होंने इस रिश्ते को एक और मौका देने का फैसला किया।
पुलिस ढूंढती रही, वहां हो गई शादी
जब मुस्कान शाम तक घर नहीं पहुंची, तो परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। उनका मोबाइल बंद आ रहा था। सीएसपी योगिता बाली खापर्डे ने बताया कि पुलिस और साइबर सेल मुस्कान की तलाश में जुटी थी। तभी खबर मिली कि वो खोखरा के मंदिर में संत कुमार के साथ विवाह कर चुकी है। मुस्कान और संत कुमार अब मान रहे हैं कि 23 जून को जो हुआ, वो सिर्फ एक बड़ी साजिश और गलतफहमी का नतीजा था।


