Apple vs OpenAI: सैन जोस की फेडरल कोर्ट में दायर इस केस ने टेक वर्ल्ड में धमाका कर दिया है। बात सिर्फ मामूली तकरार की नहीं है, बल्कि हार्डवेयर सीक्रेट्स चोरी करने का बड़ा आरोप है। कभी पार्टनर रही ये दोनों कंपनियां अब आमने-सामने हैं।
एप्पल का आरोप है कि ओपनएआई ने उसके पूर्व कर्मचारियों के जरिए कंपनी के गुप्त डेटा और डिजाइन चुराए हैं। कोर्ट में दी गई शिकायत के मुताबिक, ओपनएआई के चीफ हार्डवेयर ऑफिसर टैंग यू तान इस पूरे खेल के मास्टरमाइंड बताए जा रहे हैं।
आरोप ये है कि इंटरव्यू के दौरान एप्पल के कर्मचारियों को कंपनी के ‘फिजिकल पार्ट्स’ जैसे सर्किट बोर्ड और बैटरी लाने को कहा जाता था। इसे शो एंड टेल का नाम दिया गया। ओपनएआई का मकसद एप्पल के उन प्रोडक्ट्स के सीक्रेट जानना था, जो अभी लॉन्च भी नहीं हुए हैं।
बदले की आग या सच में चोरी?
सूत्रों की मानें तो एप्पल ने फरवरी में ही ओपनएआई को चेतावनी दी थी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अब मामला अदालत में है। एप्पल का साफ कहना है कि ओपनएआई का आने वाला हार्डवेयर बिजनेस चोरी की बुनियाद पर खड़ा है।
क्या ओपनएआई वाकई अपना खुद का डिवाइस लाने की तैयारी में है? रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी लगातार एप्पल के टैलेंट को अपनी टीम में शामिल कर रही है। अब तक 400 से ज्यादा पूर्व एप्पल कर्मचारी ओपनएआई के साथ काम कर रहे हैं।
यह मुकदमा ओपनएआई की भविष्य की योजनाओं पर ब्रेक लगा सकता है। कंपनी की वैल्यूएशन $852 बिलियन है और वह जल्द ही मार्केट में अपना आईपीओ (IPO) लाने की तैयारी कर रही थी। निवेशकों से $180 बिलियन से ज्यादा जुटाने के बाद, कंज्यूमर हार्डवेयर मार्केट में उतरना उनके लिए ग्रोथ का सबसे बड़ा मौका था।
ओपनएआई का क्या है स्टैंड?
मुकदमे पर ओपनएआई के प्रवक्ता ने चुप्पी तोड़ी है। उनका कहना है कि उन्हें किसी और कंपनी के ट्रेड सीक्रेट्स में कोई दिलचस्पी नहीं है। कंपनी बस ऐसी तकनीक बनाने में जुटी है जिससे दुनिया को फायदा हो।
एप्पल ने अब कोर्ट से मुआवजा और चोरी की गई जानकारी के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने की अपील की है। टेक मार्केट के एक्सपर्ट्स इसे दोनों कंपनियों के बीच का सबसे बड़ा झगड़ा मान रहे हैं।


