Chhattisgarh Ka Masuam: छत्तीसगढ़ में मानसून की चाल फिलहाल धीमी पड़ गई है और पिछले 24 घंटों से प्रदेश का मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है। राज्य में अब तक सामान्य से 26 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ गई है।
हालांकि, मौसम विभाग ने राहत की संभावना जताई है। विभाग के मुताबिक 15 और 16 जुलाई से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां फिर बढ़ सकती हैं। कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने के आसार हैं।
पिछले कुछ दिनों से लगा है मानसून पर ब्रेक
पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में मानसून की गतिविधियां लगभग थमी हुई हैं। रायपुर राज्य का सबसे गर्म इलाका बना हुआ है, जहां तापमान में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में औसत समुद्र तल पर मानसून द्रोणिका श्रीगंगानगर, हिसार और गोरखपुर से होकर मणिपुर तक फैली हुई है। इसके अलावा, उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। यही वजह है कि मानसून की सक्रियता दोबारा बढ़ने की उम्मीद जगी है।
तापमान का हाल
रायपुर: अधिकतम 35.2 डिग्री सेल्सियस (सबसे गर्म)
बिलासपुर: अधिकतम 35.2 डिग्री सेल्सियस
अंबिकापुर: न्यूनतम 23.9 डिग्री सेल्सियस
रायपुर में आज का मौसम
राजधानी रायपुर में आज आसमान में बादल छाए रहने के आसार हैं। अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। हालांकि, उमस भरी गर्मी से लोगों को फिलहाल पूरी राहत मिलने के कम ही संकेत हैं।
मौसम विभाग की मानें तो बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के कारण नमी आएगी। इससे आने वाले 48 घंटों में प्रदेश के कई इलाकों में बादल बरस सकते हैं। यह बारिश खरीफ की फसलों के लिए संजीवनी का काम करेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1.सवालः छत्तीसगढ़ में अब तक कितनी कम बारिश हुई है?
जवाबः प्रदेश में सामान्य से 26% कम बारिश दर्ज की गई है।
2.सवालः रायपुर का अधिकतम तापमान कितना रिकॉर्ड किया गया?
जवाबः रायपुर में अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
3.सवालः अगली बारिश की संभावना कब है?
जवाबः मौसम विभाग के अनुसार 15 और 16 जुलाई से बारिश बढ़ने की उम्मीद है।
4.सवालः मानसून के सुस्त होने का मुख्य कारण क्या है?
जवाबः मानसून द्रोणिका और चक्रवाती परिसंचरण की स्थिति के कारण बारिश में कमी आई है।
5.सवालः क्या आज रायपुर में बारिश होगी?
जवाबः आज केवल बादल छाए रहने की संभावना है, भारी बारिश के संकेत कम हैं।


