CG Assembly Monsoon Session : छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन गुरुवार को दुर्ग के अंजोरा में स्थित दाऊ वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय का एक मामला सदन में गूंजा। प्रश्नकाल के दौरान विधायक ललित चंद्राकर ने विश्वविद्यालय में हुई तकनीकी उपकरणों की खरीदी का मुद्दा उठाया।
सदन में विधायक ललित चंद्राकर ने पूछा कि पिछले 2 साल के भीतर विश्वविद्यालय में हुई उपकरणों की खरीद में पूरी प्रक्रिया में नियमों का सही तरीके से पालन किया गया। क्या क्रय समिति में तकनीकी तौर पर सक्षम लोगों को जगह दी गई थी।
विधानसभा में उठा GeM पोर्टल से खरीदी का विवाद
जिसके जवाब में पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि वर्ष 2024 से लेकर 25 जून 2026 तक विश्वविद्यालय ने कुल 9 तकनीकी उपकरणों की खरीद की है। यह सभी उपकरण सरकारी बाजार यानी GeM पोर्टल और कोटेशन की तय प्रक्रिया के माध्यम से ही मंगाए गए हैं। पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता का पूरा ध्यान रखा गया है।
मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विधायक ललित चंद्राकर ने आरोप लगाया कि खरीदारी में नियमों की अनदेखी की गई है। जिसके बाद सदन का माहौल काफी गर्म हो गया।
विशेषज्ञों की मौजूदगी में पूरी हुई क्रय प्रक्रिया: नेताम
मंत्री रामविचार नेताम ने क्रय समिति का पूरा ब्योरा सदन के सामने रखा। उन्होंने बताया कि उपकरण खरीद के लिए बनाई गई समिति में डेयरी विभाग के 2 तकनीकी विशेषज्ञों को बाकायदा सदस्य बनाया गया था। इन दोनों विशेषज्ञों की सीधी मौजूदगी में ही पूरी खरीद प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया था। इसलिए इस पूरी सरकारी खरीदी में किसी भी तरह की कोई अनियमितता या गड़बड़ी नहीं हुई है।
सरकार की ओर से आए इस स्पष्टीकरण के बाद भी विपक्ष ने तकनीकी मानकों को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। जिसके जवाब में मंत्री ने बताया कि सभी 9 उपकरणों की खरीद निर्धारित सरकारी गाइडलाइंस के अनुरूप ही हुई है। मंत्री के जवाब के बाद सत्ता और विपक्ष में तीखी नोकझोंक होती रही।


