Raipur Court Premises and Security Outpost
The special court in Raipur extended the police custody of the accused congress leader.

CG News : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला और शराब घोटाला मामलों में गिरफ्तार कांग्रेस के दिग्गज नेता रामगोपाल अग्रवाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। रायपुर की विशेष अदालत ने उनकी पुलिस रिमांड की अवधि को 5 दिन के लिए और आगे बढ़ा दिया है। इस नए न्यायिक आदेश के बाद अब कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष 22 जुलाई तक आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की हिरासत में रहेंगे।

जांच एजेंसी EOW ने घोटालों की गहराई से जांच के लिए अदालत से 5 दिन की अतिरिक्त रिमांड मांगी थी। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जांच एजेंसी की इस मांग को स्वीकार कर लिया।

रिमांड बढ़ने के पीछे का असली कारण

इससे पहले रामगोपाल अग्रवाल पिछले 9 दिनों से लगातार EOW की पुलिस रिमांड पर चल रहे थे। इसी पूछताछ के दौरान जांच एजेंसी ने उनके खिलाफ एक और बड़ा कदम उठाया। EOW ने पहले से चल रहे कोयला घोटाले के साथ-साथ उन्हें शराब घोटाला मामले में भी आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।

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यही वजह है कि दोनों घोटालों के तार एक-दूसरे से जुड़े होने के कारण पूछताछ का दायरा बढ़ गया है। जांच एजेंसी को दोनों मामलों में वित्तीय लेनदेन के पुख्ता सबूतों को आपस में मिलाना है। इसके लिए आरोपी का आमना-सामना अन्य सह-आरोपियों से कराना बेहद जरूरी हो गया था।

बता दे कि रामगोपाल अग्रवाल छत्तीसगढ़ कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रह चुके हैं। उन पर पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए करोड़ों रुपये के कोयला परिवहन और अवैध शराब वितरण में शामिल होने के गंभीर आरोप हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की शुरुआती जांच के आधार पर ही राज्य की EOW ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी।

नतीजतन इस मामले में कई नौकरशाहों और बिचौलियों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी को इस पूरे सिंडिकेट को बेनकाब करने की दिशा में एक बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। विपक्ष इस पूरी कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष बता रहा है, जबकि सत्ता पक्ष इसे भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार कह रहा है।

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वित्तीय लेनदेन और साक्ष्यों पर टिकी जांच

अब 22 जुलाई तक चलने वाली इस विस्तारित रिमांड के दौरान EOW घोटालों से जुड़े बेनामी वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को जोड़ेगी। जांच अधिकारी इस दौरान अन्य फरार आरोपियों की भूमिका और छिपाए गए दस्तावेजी साक्ष्यों के संबंध में भी रामगोपाल अग्रवाल से विस्तृत पूछताछ करेंगे।