Social Activist Sonam Wangchuk sitting on hunger strike at Jantar Mantar Delhi
Social activist Sonam Wangchuk continuing his indefinite fast for education reforms at Jantar Mantar.

Sonam Wangchuk Protest : सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर बेमियादी भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनका यह अनशन प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन का हिस्सा है। इस आंदोलन की शुरुआत ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने की थी, जिसमें 28 जून से वांगचुक भी शामिल हो गए।

प्रदर्शनकारी केंद्र सरकार से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों और भर्ती प्रक्रियाओं की विफलताओं के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए। साथ ही परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की भी मांग की जा रही है।

केवल नमक वाले पानी के सहारे अनशन

सोनम वांगचुक ने बताया कि वे 28 जून से केवल नमक मिले पानी के सहारे अनशन कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह आंदोलन केवल किसी एक मंत्री के खिलाफ नहीं, बल्कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की लड़ाई है। उन्होंने कहा, “जब युवा खुद अपनी आवाज़ उठा रहे हैं, तो उनका साथ देना मेरा कर्तव्य है।”

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9 किलो वजन घटा, डॉक्टर लगातार निगरानी में

आंदोलन से जुड़े लोगों के अनुसार, वांगचुक का वजन करीब 9 किलोग्राम कम हो चुका है। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि फिलहाल उनके महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतकों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों ने उनसे अनशन समाप्त करने की अपील भी की है।

अदालत ने सरकार को दिए निर्देश

वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को डॉक्टरों की सलाह के आधार पर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा है कि यदि स्वास्थ्य गंभीर रूप से प्रभावित होता है तो चिकित्सा संबंधी उचित निर्णय लिया जाए।

20 जुलाई को संसद मार्च की तैयारी

सीजेपी ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकालने का ऐलान किया है। संगठन का कहना है कि इस मार्च के जरिए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और परीक्षा सुधार की मांग को और तेज किया जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी चर्चा

सोनम वांगचुक के अनशन को अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी प्रमुखता मिली है। कई वैश्विक समाचार संस्थानों ने इसे भारत में परीक्षा प्रणाली और युवाओं की जवाबदेही की मांग से जुड़े आंदोलन के रूप में प्रस्तुत किया है।

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यहां अंतरराष्ट्रीय समाचार संस्थानों की रिपोर्टों का संक्षिप्त सार है:

  • रॉयटर्स: दिल्ली हाई कोर्ट ने सोनम वांगचुक की सेहत पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। जरूरत पड़ने पर डॉक्टरों की सलाह से अस्पताल में भर्ती कराने को कहा।
  • वॉशिंगटन पोस्ट: कई सप्ताह की भूख हड़ताल के बावजूद सरकार पर दबाव नहीं दिख रहा। वांगचुक ने इसे सरकार तक आवाज़ पहुंचाने का शांतिपूर्ण माध्यम बताया।
  • एपी (Associated Press): भारत सरकार ने अब तक प्रदर्शनकारियों से औपचारिक बातचीत शुरू नहीं की है। आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार की चुप्पी ने उनके संकल्प को और मजबूत किया है।
  • हिंदूज़ फॉर ह्यूमन राइट्स: संगठन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रदर्शनकारियों से मिलने, परीक्षा प्रणाली की शिकायतों पर जवाब देने और जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू करने की अपील की।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

  • सोनम वांगचुक दिल्ली के जंतर-मंतर पर किस मांग को लेकर अनशन कर रहे हैं?
    वे देश की प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही कथित धांधली को रोकने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन कर रहे हैं।
  • सोनम वांगचुक कब से इस आंदोलन में शामिल हुए हैं?
    सोनम वांगचुक 28 जून से इस आंदोलन में शामिल हुए हैं और तब से वे लगातार केवल नमक-पानी के सहारे अनशन पर बैठे हैं।
  • अनशन के दौरान सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की क्या स्थिति है?
    लगातार भूख हड़ताल के कारण उनका वजन लगभग 9 किलोग्राम तक गिर गया है, जिसके बाद डॉक्टरों की टीम उनके स्वास्थ्य की लगातार जांच कर रही है।
  • दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में क्या आदेश दिया है?
    हाई कोर्ट ने प्रशासन को डॉक्टरों की सलाह के आधार पर जरूरी कदम उठाने और स्वास्थ्य बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती करने की अनुमति दी है।
  • प्रदर्शनकारियों ने आगे की क्या रणनीति बनाई है?
    प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को और पुरजोर तरीके से उठाने के लिए 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद भवन तक एक बड़े मार्च का आयोजन करने का ऐलान किया है।
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