Neet: नीट 2 परीक्षा के परिणाम आने के बाद जगदलपुर के अड़ावल में एक छात्रा सुरला हारिका राव ने कम अंक आने से व्यथित होकर आत्महत्या कर ली है। इस दुखद घटना को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए बच्चों की हताशा और मौतों के लिए सीधे तौर पर सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है।
यह संवेदनशील मामला छत्तीसगढ़ के हजारों उन छात्रों और पालकों की मानसिक चिंताओं से जुड़ा है जो राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। नीट परीक्षा में लगातार हो रही गड़बड़ियों और दोबारा परीक्षा (री-एग्जाम) के कारण छात्रों में बढ़ते मानसिक तनाव और व्यवस्था के प्रति अविश्वास को इस घटना ने फिर उजागर कर दिया है।
परीक्षा में धांधली और अफसरों के संरक्षण का आरोप
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि मृत छात्रा के अंक पहली परीक्षा में बेहतर थे, लेकिन परीक्षा रद्द होने और नीट 2 के आयोजन के बाद उसके अंक कम हो गए, जिससे निराश होकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2024 में जब पहली बार नीट पेपर लीक हुआ था, तब जनता के गुस्से को शांत करने के लिए एनटीए (NTA) के तत्कालीन डीजी को हटाया गया था, लेकिन बाद में उन्हें छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री का प्रमुख सचिव बना दिया गया। कांग्रेस का आरोप है कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले शिक्षा माफियाओं को सत्ता का खुला संरक्षण प्राप्त है।
एनटीए की पारदर्शिता और विश्वसनीयता खत्म
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की खामोशी पर भी सवाल उठाए गए हैं। दीपक बैज ने कहा कि बार-बार परीक्षाओं में हो रही धांधली से एनटीए की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पूरी तरह खत्म हो चुकी है और दोबारा परीक्षा कराने की मानसिक तथा आर्थिक जिम्मेदारी लेने के लिए सरकार तैयार नहीं है।
इस दुखद घटना के बाद छत्तीसगढ़ में छात्र संगठनों और कांग्रेस द्वारा देशव्यापी परीक्षा प्रणालियों में सुधार और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज किए जा सकते हैं।
FAQ
- जगदलपुर की छात्रा सुरला हारिका राव की आत्महत्या के पीछे कांग्रेस ने क्या कारण बताया है?
कांग्रेस के अनुसार रद्द हुई नीट परीक्षा में छात्रा के अंक अधिक आ रहे थे, लेकिन नीट 2 के परिणाम में उसके अंक कम हो गए। इस परिणाम से व्यथित और निराश होकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।
- प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बच्चों की हताशा और आत्महत्याओं के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया है?
दीपक बैज ने इन दुखद घटनाओं के लिए सीधे तौर पर केंद्र की मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है, क्योंकि परीक्षा में हुई गड़बड़ियों और री-एग्जाम के कारण छात्र मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं।
- एनटीए (NTA) के पूर्व डीजी को लेकर दीपक बैज ने छत्तीसगढ़ सरकार पर क्या गंभीर आरोप लगाए हैं?
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2024 के नीट पेपर लीक के बाद हटाए गए एनटीए के डीजी को पहले स्टील मिनिस्ट्री और फिर छत्तीसगढ़ की भर्ती परीक्षाओं का प्रमुख बनाया गया, और वर्तमान में वे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव हैं। कांग्रेस इसे दोषियों को संरक्षण देने का प्रमाण मानती है।
- कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर क्या टिप्पणी की है?
कांग्रेस का कहना है कि बार-बार परीक्षाओं में धांधली होने के बावजूद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की खामोशी इस गंभीर विषय पर सरकार के परोक्ष संरक्षण की ओर इशारा करती है।
- दीपक बैज के अनुसार दोबारा परीक्षा (री-एग्जाम) कराने से छात्रों पर क्या असर पड़ता है?
उनके अनुसार परीक्षाओं में धांधली के कारण दोबारा परीक्षा आयोजित करने से छात्रों पर अत्यधिक मानसिक और आर्थिक बोझ पड़ता है, जिससे उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है और एनटीए की विश्वसनीयता समाप्त होती है।


