Chhattisgarh Jal Jeevan Mission: छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील ने राज्य में हर घर जल, जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी जिलों के कलेक्टरों को मिशन मोड में काम करने के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय महानदी भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि राज्य का लक्ष्य हर परिवार तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाना है।
मुख्य सचिव ने कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य हर घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है। इससे महिलाओं का समय बचेगा, जलजनित बीमारियों में कमी आएगी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था भी मजबूत होगी।
31 अगस्त तक भौतिक सत्यापन के निर्देश
बैठक में मुख्य सचिव ने पूर्ण और हस्तांतरित योजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिन योजनाओं का कार्य पूरा हो चुका है, उनका 31 अगस्त तक शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन कर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन योजनाओं का कार्य अभी अधूरा है, उन्हें 31 दिसंबर तक हर हाल में पूरा किया जाए। साथ ही कार्य में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
जल स्रोतों के संरक्षण पर विशेष जोर
मुख्य सचिव ने सभी कलेक्टरों को जिले में उपलब्ध जल स्रोतों का आकलन करने और नए स्रोतों की पहचान करने को कहा। उन्होंने जल स्रोतों के संरक्षण, रिचार्ज व्यवस्था विकसित करने और प्रत्येक स्रोत के संरक्षण की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन क्षेत्रों में मौजूदा जल स्रोत से पेयजल उपलब्ध कराना संभव नहीं है, वहां वैकल्पिक स्रोतों की पहचान कर शीघ्र कार्रवाई की जाए, ताकि कोई भी ग्रामीण परिवार स्वच्छ पेयजल से वंचित न रहे।
रनिंग बिलों का समय पर भुगतान सुनिश्चित करें
बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि निर्माण कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए रनिंग बिलों का समयबद्ध भुगतान किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला खनिज न्यास (DMF), सांसद निधि, विधायक निधि, सीएसआर और अन्य उपलब्ध वित्तीय स्रोतों का उपयोग कर आवश्यक संसाधन जुटाए जाएं। इसके अलावा सोलर आधारित नल-जल योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई और योजना-वार स्वीकृत राशि तथा खर्च का मिलान करने के निर्देश दिए गए।
हर गांव को बनाएं लक्ष्य, नियमित करें मॉनिटरिंग
मुख्य सचिव ने प्रत्येक जिले को गांवों को इकाई मानकर 100 प्रतिशत नल-जल कवरेज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला जल एवं स्वच्छता समिति की नियमित मासिक बैठक आयोजित करने और उसकी कार्यवाही समय पर विभागीय पोर्टल पर अपलोड करने को कहा। उन्होंने कहा कि स्पष्ट योजना, बेहतर समन्वय और नियमित मॉनिटरिंग के जरिए ही राज्य के प्रत्येक परिवार तक समयबद्ध तरीके से नल से स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जा सकता है।


