Chief Minister Vishnu Deo Sai releasing the 30th installment of the Mahtari Vandan Yojana, along with a representative view from the Handloom Day celebration.
Chief Minister Vishnu Deo Sai will release the 30th installment of the Mahtari Vandan Yojana today. Several new initiatives related to the handloom and handicrafts sectors will also be launched during the event.

Chhattisgarh UCC: छत्तीसगढ़ में Uniform Civil Code (UCC) को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित समिति की जल्द बैठक होगी। इसके बाद राज्य सरकार आगामी शीतकालीन सत्र में यूसीसी विधेयक पेश कर उसे पारित कराने की दिशा में आगे बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यह जानकारी कर्नाटक दौरे पर रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत के दौरान दी।

कमेटी की बैठक के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यूसीसी का मसौदा तैयार करने के लिए गठित समिति जल्द बैठक करेगी। समिति की सिफारिशों के आधार पर सरकार आवश्यक प्रक्रिया पूरी करेगी। इसके बाद आगामी शीतकालीन विधानसभा सत्र में विधेयक लाया जाएगा। यदि ऐसा होता है तो छत्तीसगढ़, समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में आगे बढ़ने वाले राज्यों में शामिल हो जाएगा।

कांग्रेस के प्रदर्शन पर भी साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के प्रदर्शन पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना सभी का अधिकार है, लेकिन कानून हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ता कश्मीर की तरह पत्थरबाजी पर उतर आए हैं। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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कर्नाटक दौरे पर क्या बोले मुख्यमंत्री?

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि वह कर्नाटक के सत्य साईं ग्राम में आयोजित स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल होने जा रहे हैं। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्धजनों से भी उनकी मुलाकात होगी।

यूसीसी को लेकर क्यों है चर्चा?

समान नागरिक संहिता यूसीसी का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और संपत्ति से जुड़े नागरिक मामलों के लिए सभी नागरिकों पर समान कानून लागू करना है। इस विषय पर देशभर में लंबे समय से चर्चा चल रही है। कई राज्यों ने इस दिशा में पहल की है, जबकि कुछ राज्यों में इस पर विचार-विमर्श जारी है।