Liver Damage Warning : लिवर हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है, जो भोजन को पचाने, विषैले पदार्थों को बाहर निकालने और जरूरी पोषक तत्वों को संसाधित करने का कार्य करता है। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियंत्रित खानपान, शराब का अत्यधिक सेवन, मोटापा और फैटी लिवर की वजह से लिवर से जुड़ी बीमारियों का खतरा काफी बढ़ गया है। लिवर की सबसे बड़ी खासियत और समस्या यह है कि शुरुआती दौर में यह बिना किसी बड़े लक्षण के धीरे-धीरे खराब होता रहता है। ऐसे में शरीर और विशेषकर त्वचा पर दिखाई देने वाले छोटे-छोटे बदलावों को पहचानना बेहद जरूरी हो जाता है, ताकि समय रहते गंभीर खतरे से बचा जा सके।
जब लिवर सही ढंग से कार्य करना बंद कर देता है, तो शरीर में जमा होने वाले टॉक्सिन्स का असर सीधा हमारी त्वचा पर नजर आने लगता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, लिवर की कार्यप्रणाली प्रभावित होने पर रक्त में बिलीरुबिन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे त्वचा और आंखों का सफेद हिस्सा पीला पड़ने लगता है। इसके अलावा बिना किसी स्पष्ट कारण के पूरे शरीर में लगातार तेज खुजली होना, हल्की सी चोट लगने पर त्वचा पर नीले या काले चकत्ते पड़ जाना और त्वचा पर मकड़ी के जाले की तरह लाल रक्त वाहिकाओं का उभरना (स्पाइडर एंजियोमा) लिवर की खराबी के सीधे संकेत होते हैं।
लिवर की बिमारी कितनी खतरनाक ?
चिकित्सा जगत के इतिहास और पिछले अध्ययनों पर नजर डालें तो लिवर की बीमारियों को ‘साइलेंट किलर’ माना गया है। पहले के समय में लिवर सिरोसिस या हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारियां केवल अत्यधिक शराब पीने वालों में ही देखी जाती थीं, लेकिन वर्तमान समय में नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर (NAFLD) के मामले तेजी से बढ़े हैं। खराब जीवनशैली, जंक फूड का अधिक सेवन और शारीरिक गतिविधि की कमी के कारण अब कम उम्र के युवाओं में भी लिवर की कार्यक्षमता कमजोर होने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। लिवर जब प्रोटीन बनाने और रक्त को साफ करने में असमर्थ होता है, तो शरीर कई तरह के प्राथमिक संकेत देता है। यदि किसी व्यक्ति को लगातार थकान के साथ-साथ त्वचा का रंग पीला पड़ता दिखाई दे, तो उसे बिना समय गंवाए तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क कर लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) कराना चाहिए।
विशेष ध्यान देने की आवश्यकता
लिवर की खराबी को यदि शुरुआती दौर में ही पहचान लिया जाए, तो सही खानपान, दवाओं और अनुशासित दिनचर्या के जरिए इसे दोबारा पूरी तरह स्वस्थ बनाया जा सकता है। लेकिन यदि इन संकेतों को लंबे समय तक अनदेखा किया जाए, तो यह लिवर फेलियर का रूप ले सकता है, जिससे मरीज को लिवर ट्रांसप्लांट तक की नौबत आ जाती है। इसलिए आम जनता को अपने शरीर में होने वाले मामूली बदलावों के प्रति भी जागरूक रहने की जरूरत है।
त्वचा और शरीर में दिखने वाले मुख्य लक्षण
लिवर की समस्या बढ़ने पर शरीर में निम्नलिखित प्राथमिक और द्वितीयक लक्षण दिखाई दे सकते हैं:
- त्वचा और आंखों में पीलापन (पीलिया)
रक्त में बिलीरुबिन का स्तर अत्यधिक बढ़ने के कारण त्वचा और आंखों में पीलापन आने लगता है, जो लिवर की विफलता का सबसे प्रमुख लक्षण है। - त्वचा पर अत्यधिक खुजली होना
पित्त लवणों (Bile Salts) का त्वचा के नीचे जमाव होने से बिना किसी दाने के भी पूरे शरीर में तेज और लगातार खुजली की शिकायत हो सकती है। - स्पाइडर एंजियोमा और नीले निशान
रक्त वाहिकाओं के फैलने से चेहरे, गर्दन और छाती पर मकड़ी के जाले जैसे लाल निशान बनने लगते हैं। साथ ही खून के थक्के जमाने वाले प्रोटीन की कमी से आसानी से चोट के निशान पड़ जाते हैं। - पाचन और अन्य शारीरिक समस्याएं
लगातार थकान, भूख न लगना, जी मिचलाना, उल्टी आना, पेट के दाहिने हिस्से में दर्द, पैरों में सूजन और गहरे रंग का पेशाब होना भी लिवर डैमेज के बड़े संकेत हैं।
Disclaimer: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या संक्रमण के लक्षण होने पर योग्य चिकित्सक से सलाह अवश्य लें।


