Raipur Students Protest: छत्तीसगढ़ में कक्षा 12वीं के पेपर लीक मामले ने फिर से तूल पकड़ लिया है। इस मामले को लेकर सैकड़ों छात्र राजधानी रायपुर के अंबेडकर चौक पर एकत्रित हुए और जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने राज्य के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के इस्तीफे की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। छात्रों का मुख्य उद्देश्य राज्य में लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाना, परीक्षा प्रणाली में सख्त कानून बनाना और री-नीट (RE-NEET) की वजह से खुदकुशी करने वाली बस्तर की होनहार छात्रा हरिका राव के पीड़ित परिवार को न्याय व उचित आर्थिक मुआवजा दिलाना है।

प्रदर्शनकारी छात्रों ने अंबेडकर चौक पर मुख्य मार्ग को घेरकर नारेबाजी की और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। प्रदर्शन में शामिल प्रतिनिधियों ने बताया कि 12वीं की परीक्षा में धांधली की वजह से हजारों मेधावी छात्रों का भविष्य अंधकार में लटक गया है। छात्रों का कहना है कि बार-बार होने वाले पेपर लीक से उनका मनोबल टूट रहा है। विरोध स्थल पर मौजूद युवाओं ने मांग की कि राज्य सरकार तत्काल प्रभाव से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराए, दोषियों को जेल भेजे और आने वाले विधानसभा सत्र में पेपर लीक रोधी कड़ा कानून पारित करे, ताकि भविष्य में कोई भी शिक्षा माफिया छात्रों के सपनों के साथ खिलवाड़ न कर सके।


बस्तर की बेटी हरिका राव के लिए उठाई आवाज
इस आंदोलन में री-नीट के मानसिक तनाव के कारण बस्तर की बेटी हरिका राव नायडू की दुखद मौत का मामला भी उठाया गया। हरिका राव डॉक्टर बनकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में लोगों की सेवा करना चाहती थी। उसने डॉक्टर बनने के अपने सपने को पूरा करने के लिए लगातार तीन बार नीट की कठिन परीक्षा दी। हालांकि, परीक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं, बार-बार री-नीट की आशंकाओं और असफलता के भारी मानसिक दबाव के चलते उसने आखिरकार अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।



