आईआईटीएम बेंगलुरु में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की उप महाप्रबंधक पूनम शर्मा ने छत्तीसगढ़ की पर्यटन नीति, अधोसंरचना और निवेश की संभावनाओं का प्रभावी प्रस्तुतीकरण दिया।
आईआईटीएम बेंगलुरु में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की उप महाप्रबंधक पूनम शर्मा ने छत्तीसगढ़ की पर्यटन नीति, अधोसंरचना और निवेश की संभावनाओं का प्रभावी प्रस्तुतीकरण दिया।

CG TOURISM: IITM बेंगलुरु में छत्तीसगढ़ पर्यटन का जलवा: बस्तर की कला से लेकर इको-टूरिज्म का दिखा जादूछत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल प्रदेश की प्राकृतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक एवं जनजातीय पर्यटन विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में भारत के प्रतिष्ठित पर्यटन व्यापार मेले इंडिया इंटरनेशनल ट्रैवल मार्ट (IITM) बेंगलुरु में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई।

इस सहभागिता के माध्यम से छत्तीसगढ़ को देश के उभरते हुए पर्यटन गंतव्य (Tourism Destination) के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है।

कर्नाटक के पर्यटन मंत्री की उपस्थिति में हुआ प्रस्तुतीकरण

आईआईटीएम बेंगलुरु में आयोजित इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में कर्नाटक के ऊर्जा एवं पर्यटन मंत्री के. जे. जॉर्ज उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की उप महाप्रबंधक पूनम शर्मा ने राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए छत्तीसगढ़ की पर्यटन नीति, अधोसंरचना और निवेश की संभावनाओं का प्रभावी प्रस्तुतीकरण दिया।

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पूनम शर्मा ने बस्तर के एथनिक ट्राइबल टूरिज्म, घड़वा शिल्पकला, रामनामी समुदाय की सांस्कृतिक परंपरा, इको-टूरिज्म और धार्मिक पर्यटन स्थलों की विशेषताओं से देशभर से आए प्रतिनिधियों और पर्यटन व्यवसायियों को अवगत कराया।

स्टॉल पर दिखा चित्रकोट और कांगेर घाटी का आकर्षण

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के आकर्षक स्टॉल में राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों और योजनाओं को प्रदर्शित किया गया:

जलप्रपात एवं राष्ट्रीय उद्यान: चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात और कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान।

सांस्कृतिक व धार्मिक स्थल: सिरपुर, भोरमदेव और राम वन गमन पर्यटन परिपथ।

नीतियां व योजनाएं: होम-स्टे नीति, वन्यजीव पर्यटन और इको-टूरिज्म।

B2B बैठकों से मिलेगा पर्यटन उद्योग को बढ़ावा

इस आयोजन में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल से पंजीकृत 15 टूर ऑपरेटर्स और होटलियर्स ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने देशभर से आए ट्रैवल एजेंटों और निवेशकों के साथ बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) बैठकों में भाग लिया। इन बैठकों से छत्तीसगढ़ में टूर पैकेज, होटल सेवाओं और भविष्य के व्यावसायिक सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

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“छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी पर्यटन राज्यों में स्थापित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे राष्ट्रीय आयोजनों से प्रदेश में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।”
— राजेश अग्रवाल, पर्यटन मंत्री, छत्तीसगढ़

FAQ

प्रश्न 1: आईआईटीएम (IITM) बेंगलुरु में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल का प्रतिनिधित्व किसने किया?

उत्तर: छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की उप महाप्रबंधक श्रीमती पूनम शर्मा ने इस आयोजन में राज्य का प्रतिनिधित्व किया।

प्रश्न 2: IITM बेंगलुरु के स्टॉल में छत्तीसगढ़ के किन मुख्य जलप्रपातों और स्थलों को प्रदर्शित किया गया?

उत्तर: स्टॉल में चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, सिरपुर, भोरमदेव और राम वन गमन पर्यटन परिपथ को प्रदर्शित किया गया।

प्रश्न 3: इस पर्यटन मेले में कर्नाटक के किस मंत्री ने शिरकत की?

उत्तर: इस आयोजन में कर्नाटक के ऊर्जा एवं पर्यटन मंत्री के. जे. जॉर्ज ने शिरकत की।

प्रश्न 4: छत्तीसगढ़ से कितने पंजीकृत टूर ऑपरेटर्स और होटलियर्स ने इस मेले में भाग लिया?

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उत्तर: छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल से पंजीकृत 15 टूर ऑपरेटर्स और होटलियर्स ने B2B बैठकों में सक्रिय सहभागिता की।

प्रश्न 5: पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के अनुसार राष्ट्रीय पर्यटन आयोजनों में शामिल होने से राज्य को क्या मुख्य लाभ होंगे?

उत्तर: पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, स्थानीय स्तर पर रोजगार व स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।