नागपुर। रायपुर पुलिस से मिली गुप्त सूचना पर नागपुर मंडल RPF टास्क टीम ने शनिवार को समता एक्सप्रेस 12807 से 2 संदिग्ध आरोपियों को धरदबोचा। आरोपियों के पास से 50 लाख रुपये नगद और 25 लाख रुपये का सोना जब्त किया गया है। यह मामला रायपुर के पंडरी थाने में दर्ज अप.क्र. 212/26, धारा 303(2) BNS से जुड़ा है।
कैसे पकड़े गए आरोपी?
रायपुर के DOM और ASP ने सूचना दी थी कि दो आरोपी चोरी की रकम और सोना लेकर समता एक्सप्रेस से नागपुर की तरफ आ रहे हैं। RPF नागपुर मंडल की टीम ने CCTV फुटेज और फोटो के आधार पर भंडारा स्टेशन से ट्रेन की चेकिंग शुरू की। इस टीम में सउनि दिलीप केनार, प्र.आर योगेश हंबरे, प्र.आर इंशांत दिक्षित शामिल थे।
ट्रेन नागपुर स्टेशन प्लेटफार्म नंबर 3 पर पहुंची तो कोच S-3 में तैनात आरक्षक विजय बहादुर सिंह और आरक्षक लोकेश डोरले ने दुर्ग से नागपुर तक सघन चेकिंग की। इसी दौरान दोनों संदिग्धों को चोरी की संपत्ति के साथ हिरासत में लिया गया। बाद में आगे की कार्रवाई के लिए दोनों आरोपियों को RPF पोस्ट इतवारी के हवाले कर दिया गया।
जब्त सामान
- नगद: 50 लाख रुपये
- सोना: 25 लाख रुपये कीमत का
मोवा के अशोका आइकन कालोनी में हुई लाखों की चोरी से जुड़ा है मामला
दरअसल राजधानी के मोवा स्थित अशोका आइकन कालोनी में 70 लाख रुपये की चोरी हुई थी। वारदात में जिस रसोइए को महज 12 दिन पहले घर में काम पर रखा गया था, उसी पर अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी करने का आरोप लगा। आरोप है कि परिवार के नया रायपुर जाने का फायदा उठाकर उसने अलमारी तोड़ी और लाखों रुपये की नकदी, सोने-चांदी के जेवर, महत्वपूर्ण दस्तावेज और पेन ड्राइव लेकर फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पंडरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
14 जुलाई से बना रहा था खाना
पुलिस के अनुसार अशोका आइकन फेस-1, मोवा निवासी कोयला कारोबारी पंकज अग्रवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उन्होंने महेंद्र कुमार यादव, निवासी कटोरिया, जिला बांका (बिहार) को 14 जुलाई से अपने घर में रसोइए के रूप में रखा था। इससे पहले भी महेंद्र करीब आठ दिन तक उनके यहां काम कर चुका था। घर के कामकाज और परिवार की दिनचर्या की पूरी जानकारी होने के कारण उस पर पूरा भरोसा किया गया था। रविवार 26 जुलाई को दोपहर करीब दो बजे पंकज अग्रवाल अपने परिवार के साथ निजी कार्य से नया रायपुर चले गए। उस समय घर में केवल रसोइया महेंद्र यादव मौजूद था। शाम करीब सात बजे जब पूरा परिवार वापस लौटा तो मुख्य दरवाजा बंद था और घर के अंदर अंधेरा था। संदेह होने पर परिवार पीछे के हिस्से में पहुंचा, जहां पिछला गेट खुला मिला। पीछे के रास्ते से घर में प्रवेश करने पर बेडरूम का दरवाजा खुला मिला।
अलमारी में रखी थी नकदी रकम
कमरे में रखी अलमारी के दोनों दरवाजे खुले हुए थे। जांच करने पर पता चला कि अलमारी में रखी 51 लाख 50 हजार रुपये की नकदी गायब थी। इसके अलावा लॉकर से पत्नी और बेटी के सोने के कंगन, गले का सेट, कान के आभूषण, दो सोने की 10-10 ग्राम की गिन्नियां, करीब 10 ग्राम का सोने का टुकड़ा, सोने के झुमके, पांच जोड़ी टाप्स, ब्रेसलेट, लगभग 20 चांदी के सिक्के, पेन ड्राइव और कार्यालय के दस्तावेज भी चोरी हो चुके थे। चोरी गई संपत्ति की कुल कीमत लगभग 70 लाख रुपये आंकी गई है। घटना की सूचना मिलते ही पंडरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
त्वरित कार्रवाई से पकड़े गए अपराधी
इस मामले में पुलिस की तत्काल शुरू की गई जांच और सर्विलांस से वारदात का खुलासा हो गया और आरपीएफ की मदद से चोरी में शामिल आरोपी पकड़े गए।


